कौन हैं Ex-IPS इंदरजीत सिद्धू? 88 साल की उम्र और सफाई मिशन—पढ़ें पद्मश्री से सम्मानित ‘साइलेंट हीरो’की कहानी
Padma Shri 2026: Ex-IPS Inderjit Sidhu: केंद्रीय गृह मंत्रालय ने रविवार (25 जनवरी) को पद्म पुरस्कार 2026 के लिए चुने गए लोगों की आधिकारिक सूची जारी कर दी। राष्ट्रपति ने इस साल कुल 131 पद्म पुरस्कारों को मंजूरी दी है, जिनमें 5 पद्म विभूषण, 13 पद्म भूषण और 113 पद्म श्री शामिल हैं। पद्म विभूषण से अभिनेता धर्मेंद्र और केरल के पूर्व मुख्यमंत्री वी. एस. अच्युतानंदन (मरणोपरांत) को सम्मानित किया जाएगा।
पद्म भूषण पाने वालों में अलका याज्ञनिक, ममूटी, उदय कोटक और विजय अमृतराज शामिल हैं। पद्म श्री सूची में कई 'अनसंग हीरोज', खिलाड़ी, कलाकार और समाजसेवी शामिल हैं। इसमें 19 महिलाएं, 6 विदेशी नागरिक और 16 मरणोपरांत सम्मान भी शामिल हैं।

इन 'अनसंग हीरोज'में एक नाम सुर्खियों में हैं 88 साल के Ex-IPS अधिकारी इंदरजीत सिद्धू का। इंदरजीत सिंह सिद्धू का मिशन है-अपने शहर चंडीगढ़ को साफ रखना। इसी असाधारण सामाजिक सेवा के लिए उन्हें गणतंत्र दिवस 2026 से पहले पद्मश्री सम्मान के लिए चुना गया है।
चंडीगढ़ के सेक्टर-49 में जब सब लोग सो रहे होते है तो इंदरजीत सिद्धू हाथ में झाड़ू और कचरा उठाने का थैला लेकर हर दिन शहर को साफ करने निकलते हैं।
कौन हैं Ex-IPS इंदरजीत सिद्धू? (Who is Ex-IPS Inderjit Sidhu)
इंदरजीत सिंह सिद्धू 1964 बैच के IPS अधिकारी रहे हैं। उन्होंने पंजाब पुलिस में DIG के पद से 1996 में रिटायरमेंट लिया। आमतौर पर लोग रिटायरमेंट के बाद आराम की जिंदगी चुनते हैं, लेकिन सिद्धू ने एक अलग ही रास्ता चुना। रिटायरमेंट के करीब तीन दशक बाद भी वे रोज़ अपने मोहल्ले की सफाई खुद करते हैं।
इंदरजीत सिंह सिद्धू चंडीगढ़ की IAS-IPS ऑफिसर्स कोऑपरेटिव सोसाइटी में रहते हैं। उनका कहना है कि उन्होंने कई बार नगर निगम और संबंधित अधिकारियों से सफाई को लेकर शिकायत की, लेकिन जब कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो उन्होंने खुद ही झाड़ू उठा ली। उनका साफ कहना है-"सफाई में कोई शर्म नहीं। स्वच्छता ही ईश्वर के सबसे करीब है।"
शुरुआत में लोग उन्हें अजीब नजरों से देखते थे। कोई 'पागल' कहता, तो कोई मजाक उड़ाता। सिद्धू कभी थैले में तो कभी एक छोड़ी हुई रिक्शा में कचरा भरकर उसे सही जगह फेंकते थे। लेकिन धीरे-धीरे यह अकेली कोशिश एक मुहिम में बदल गई। आज उनके परिवार के लोग और कॉलोनी के कई निवासी उनके साथ सफाई में हाथ बंटाते हैं।

'सिटी ब्यूटीफुल' को नंबर-1 बनाने का सपना
इंदरजीत सिद्धू का मानना है कि चंडीगढ़ को स्वच्छ भारत सर्वेक्षण में देश में पहला स्थान हासिल करना चाहिए। वे कहते हैं कि जब विदेशी देशों की सड़कें इतनी साफ हो सकती हैं, तो भारत के शहर क्यों नहीं।
हालांकि देश उन्हें 'अनसंग हीरो' कह रहा है, लेकिन सिद्धू खुद को कोई बड़ा समाजसेवी नहीं मानते। उनका कहना है कि साफ जगह उन्हें सुकून देती है, इसलिए वे सफाई करते हैं। वे यह काम तब तक करना चाहते हैं, जब तक शरीर साथ दे।
सोशल मीडिया पर तारीफ, आनंद महिंद्रा का सलाम
पिछले साल सिद्धू सोशल मीडिया पर वायरल हुए। उद्योगपति आनंद महिंद्रा ने भी उनकी जमकर सराहना की। उन्होंने लिखा कि सिद्धू शिकायत करने के बजाय खुद काम में जुट गए। यह साबित करता है कि उद्देश्य कभी रिटायर नहीं होता और सेवा की कोई उम्र नहीं होती।
पद्मश्री सम्मान सिद्धू के लिए उपलब्धि जरूर है, लेकिन उनकी असली जीत हर सुबह साफ होती सड़कें हैं। उनकी कहानी बताती है कि बदलाव बड़े पद या ताकत से नहीं, बल्कि छोटे लेकिन लगातार किए गए कर्मों से आता है। इंदरजीत सिंह सिद्धू आज सिर्फ एक पूर्व IPS अधिकारी नहीं, बल्कि उन लाखों लोगों के लिए प्रेरणा हैं, जो बदलाव चाहते तो हैं, लेकिन शुरुआत खुद से नहीं करते।












Click it and Unblock the Notifications