केंद्र सरकार ने लॉकडाउन में दी प्रवासी मजदूरों और छात्रों को छूट, चिदंबरम ने की ट्रेन चलाने की मांग
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने लॉकडाउन के बीच प्रवासी मजदूरों, छात्रों, मरीजों, पर्यटकों को राहत दी है। लॉकडाउन के बीच इन लोगों को आवाजाही की छूट मिली है। वहीं कांग्रेस ने लॉकडाउन में केंद्र सरकार द्वारा दी गई इस छूट का स्वागत भी किया है। कांग्रेस ने कहा है कि आखिरकार गृहमंत्रालय ने उनकी बातों पर गौर किया।

कांग्रेस नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने कहा कि वो 15 अप्रैल से ही इस छूट की मांग कर रहे हैं। वहीं लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा है कि अब राज्यों को चाहिए कि वे तुरंत कार्रवाई करें और बिना भोजन पानी के फंसे मजदूरों को तुरंत घर भेजें। अधीर रंजन चौधरी ने कहा है कि उन्होंने प्रवासी मजदूरों को वापस भेजने के लिए प्रधानमंत्री से भी बात की थी। अब गृह मंत्रालय का आदेश आया है। उन्होंने कहा कि अब राज्य सरकारों को देरी नहीं करनी चाहिए।
पी चिदंबरम ने कहा है सरकार ने प्रवासी मजदूरों को उनके गृह राज्य भेजना का अच्छा फैसला किया है। उन्होंने कहा कि सिर्फ बसों से इतनी बड़ी संख्या में मजदूरों, छात्रों और नेताओं को ले जाना संभव नहीं है इसलिए सरकार को प्वाइंट टू प्वाइंट सैनिटाइज ट्रेनें चलानी चाहिए। चिदंबरम ने सरकार से प्रवासी मजदूरों, छात्रों, मरीजों, पर्यटकों को ले जाने के लिए ट्रेन चलाने की मांग की।
आपको बता दें कि लॉकडाउन की वजह से अलग-अलग राज्यों में फंसे मजदूरों को उनके राज्य पहुंचाने के लिए बुधवार को गृह मंत्रालय ने बड़ा फैसला लिया। गृह मंत्रालय की ओर से जारी गाइडलाइन में कहा गया है कि सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेश अपने यहां फंसे मजदूरों, छात्रों, सैलानियों को उनके गृह राज्यों में भेज सकेंगे और दूसरे राज्यों में फंसे अपने लोगों को ला सकेंगे। इसके लिए कई शर्तें दी गई है।












Click it and Unblock the Notifications