क्या कांग्रेस में टूट होने वाली है? चिदंबरम ने जी-23 नेताओं से की है ये अपील
नई दिल्ली, 17 मार्च। वरिष्ठ कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने हाल ही में 5 राज्यों में हुए चुनावों में पार्टी की हार के मामले पर गांधी परिवार को बचाव किया है। चिदंबरम ने कहा हालिया चुनावों में पार्टी की हार के लिए केवल गांधी (गांधी परिवार) को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता है। यही नहीं पी चिदंबरम ने कांग्रेस के जी-23 समूह के नेताओं से पार्टी को न तोड़ने की अपील की है। पी चिदंबरम ने ये बातें ऐसे समय में कही हैं जब 24 घंटे के अंदर जी-23 के नेता दोबारा मिले हैं।

जी-23 नेताओं ने उठाया था सवाल
दूसरे कांग्रेस नेताओं की तरह चिदंबरम ने भी स्वीकार किया कि रविवार को चुनावों की समीक्षा को लेकर हुई कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में सोनिया गांधी ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के साथ इस्तीफे की पेशकश रखी थी। चिदंबरम ने जी-23 समूह के नेताओं की बैठक के एक दिन बाद ये बातें कहीं।
कांग्रेस के जी-23 समूह के नेताओं, जिन्हें बागी समूह भी समझा जाता है, ने बुधवार को दिल्ली में बैठक की थी। इसके बाद 24 घंटे के भीतर ही गुरुवार को भी ये नेता मिले हैं। इन नेताओं ने हार के लिए नेतृत्व (गांधी परिवार) को जिम्मेदार ठहराया है। कपिल सिब्बल जैसे जी-23 समूह के नेता खुले तौर पर गांधी परिवार को निशाने पर ले रहे हैं। सिब्बल ने कांग्रेस को पुनर्जीवित करने के लिए नए नेतृत्व को रास्ता देने की मांग की है।

सोनिया गांधी ने की थी इस्तीफे की पेशकश
एनडीटीवी से बात करते हुए चिदंबरम ने कहा कि गांधी परिवार ने अपने इस्तीफे की पेशकश की थी लेकिन इसे सीडब्ल्यूसी ने स्वीकार नहीं किया। तो अब हमारे पास क्या विकल्प हैं? हमें कांग्रेस का नया अध्यक्ष चुनने की प्रक्रिया तेज करने की जरूरत है लेकिन जो सबसे तेज जो हो सकता है वह अगस्त में होगा। तो हम अगस्त तक क्या करें। तब तक हम, जिसमें मैं भी शामिल हूं, विश्वास करते हैं कि सोनिया गांधी कमान संभालें।
उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी ने चुनाव की तरफ बढ़ने की सलाह दी थी लेकिन अधिकांश नेता नहीं माने।

केवल गांधी परिवार को जिम्मेदार ठहराना गलत
चिदंबरम ने कहा कि यह कहना गलत है कि हाल की हार के लिए केवल गांधी परिवार को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए। उन्होंने कहा "गांधी परिवार ने जिम्मेदारी स्वीकार की जैसे मैने गोवा व अन्य नेताओं ने अन्य राज्यों के लिए की।
एनडीटीवी से बातचीत में चिदंबरम ने कहा कोई जिम्मेदारी से नहीं भाग रहा। लेकिन जिम्मेदारी हर किसी की है। इसमें ब्लॉक, जिला, राज्य और एआईसीसी सभी शामिल है। यह कहना ठीक नहीं है कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) नेतृत्व जिम्मेदार है।

पार्टी न तोड़ने की अपील
कांग्रेस नेता ने भरोसा जताया कि अगस्त में पार्टी को पूर्ण नेतृत्व मिल जाएगा। वहीं कांग्रेस के जी-23 समूह के नेताओं ने पांच राज्यों में हार के बाद बड़ा कदम उठाने की मांग की थी।
जी-23 नेताओं की चेतावनी पर पूर्व वित्त मंत्री ने कहा "मुझे उम्मीद है कि कोई टूट (पार्टी में) नहीं होगी। मेरी उनसे अपील है कि पार्टी को न तोड़ें। मेरी उनसे अपील है कि अपने क्षेत्रों में जाएं और पार्टी को मजबूत करें। सभी को वापस जाना चाहिए और पार्टी को मजबूत करना चाहिए।"












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