सरकारी नौकरी के लिये लगी लाइन में डॉक्टर भी
नई दिल्ली (विवेक शुक्ला)। बेरोजगारी को लेकर इन आंकड़ों को जान-सुनकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी परेशान जरूर होंगे। आंकड़े डरावने हैं। पिछले गुरुवार को संसद में दी गई जानकारी के मुताबिक,देश में 4.47 करोड़ लोगों के नाम रोजगार दफ्तरों में पंजीकृत हैं। इन सभी को सरकारी नौकरी के मिलने का इंतजार है। एचआर मामलों के एक्सपर्ट राजीव सक्सेना कहते हैं कि प्राइवेट नौकरियों में स्थायित्व का अभाव होने के कारण लोगों को सरकारी नौकरी पाने की ख्वाहिश रहने लगी है। उन्हें लगता है कि सरकारी नौकरी मिलने के बाद उन्हें कोई नौकरी से निकालेगा तो नहीं।
सबसे ज्यादा लोगों के नाम तमिलनाडू के रोजगार दफ्तरों में पंजीकृत हैं। वहां पर करीब 77 लाख लोगों को सरकारी नौकरी चाहिए। उसके बाद पश्चिम बंगाल 70 .68 लाख और उत्तर प्रदेश 60.70 लाख का नंबर हैं। कुल मिलाकर हालात बेहद खराब हैं।
डाक्टर भी लाइन में
केन्द्रीय मंत्री बी.दतात्रेय ने राज्य सभा को एक सवाल के जवाब में बताया कि सरकारी नौकरी की चाहत रखने वाले हायर सेंकेडरी पास हैं या फिर बीए की डिग्री ले चुके हैं। इनमें बहुत से डाक्टर और इंजीनियर भी हैं।
जानकारों का कहना है कि हालांकि अब सरकारी नौकरियों में सैलरी तो ठीक हो गई है, पर पेंशन की सुविधा नहीं रही। इसलिए सरकारी नौकरियों को भी आप कोई बहुत बेहतर तो नहीं मान सकते। पर, वहां पर रिटायर होने के बाद भी मुलाजिम को स्वास्थ्य सुविधाएं तो मिल ही जाती हैं।













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