सुप्रीम कोर्ट से हुई जस्टिस शरद अरविंद बोबडे की विदाई, बोले- 'कोरोना से उम्मीद मत खोना, हालात बदलेंगे'
नई दिल्ली, 23 अप्रैल। भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस शरद अरविंद बोबडे आज सुप्रीम कोर्ट से रिटायर हो गए। शुक्रवार को उन्होंने अपने फेरवेल स्पीच में कहा कि उन्होंने अपने कार्यकाल में 'बेस्ट' दिया है। उन्होंने वर्तमान में कोरोना वायरस की स्थिति पर भी बोलते हुए युवा वकीलों से कहा कि महामारी से होने वाली घटनाओं से निराश होने की जरूरत नहीं है। उम्मीद मत खोना, हालात जल्द बदलेंगे। आपको बता दें कि एसए बोबडे की जगह अब जस्टिस नथालापति वेंकट रमना भारत सुप्रीम कोर्ट के 48वें मुख्य न्यायाधीश होंगे।

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करीब 17 महीने के कार्यकाल के आखिरी दिन यानी 23 अप्रैल को जस्टिस एसए बोबडे ने कोर्ट रूम से विदा लिया। इस दौरान एटार्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने भी उनकी प्रशंसा की। उन्होंने कहा, पिछले वर्ष भारत में कोरोना वायरस महामारी का विकराल रूप फैलने लगा था। ऐसे में उन्होंने (एसए बोबडे) ने फिजिकल सुनवाई को वर्चुअल सुनाई में तब्दील किया। सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने भी बोबडे की तारीफ करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस बोबडे बेहतरीन व्यक्ति हैं। वो अमेजिंग सेंस ऑफ ह्यूमर के भी धनी हैं।
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शुक्रवार शाम सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने भी जस्टिस बोबडे को वर्चुअल समारोह में विदाई दी। इस दौरान मुख्य न्यायाधीश जस्टिस बोबडे ने बार एसोसिएशन के युवा सदस्यों को प्रोत्साहित करते हुए कहा, 'जो युवा सदस्य महामारी की स्पष्ट घटनाओं से निराश हैं, मैं उनसे कहना चाहता हूं कि उम्मीद मत खोना हालात बदलेंगे।' आपको बता दें कि कोरोना वायरस के चलते जस्टिस बोबडे को वर्चुअल समारोह में विदाई दी गई है। इससे पहले कोरोना काल में रिटायर हो चुके चार अन्य जजों को भी वर्चुअल समारोह में विदाई दी गई थी। जस्टिस इंदु मल्होत्रा के रिटायरमेंट के दौरान हालात बेहतर हुए थे जिसके चलते उनके लिए एससीबीए ने सुप्रीम कोर्ट लॉन में समारोह आयोजित किया था।












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