WHO से मान्यता प्राप्त 8 वैक्सीन में से 2 भारतीय टीके, 96 देशों ने भी दिया अप्रूवल: मनसुख मंडाविया
नई दिल्ली, 09 नवंबर। भारत बायोटेक द्वारा विकसित कोवैक्सीन को विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) से इमरजेंसी इस्तेमाल के लिए हरी झंडी मिल गई है। इस बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने मंगलवार को बताया कि कोरोना वायरस के खिलाफ डब्ल्यूएचओ ने अब तक आपातकालीन उपयोग सूची (ईयूएल) में दुनियाभर के आठ टीकों को शामिल किया है जिनमें से दो भारतीय वैक्सीन कोवैक्सिन और कोविशील्ड हैं। इसके अलावा 96 ने भी इन दोनों वैक्सीनों को मान्यता दी है।

बता दें कि 3 नवंबर को विश्व स्वास्थ्य निकाय की तकनीकी सलाहकार टीम ने ईयूएल के लिए 18 साल और उससे अधिक उम्र के लिए भारत बायोटेक-निर्मित कोवैक्सिन की सिफारिश की। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने कहा कि भारत के टीकों और हमारी टीकाकरण प्रक्रिया को देखने के बाद दुनिया के 96 देशों ने कोवैक्सीन और कोविशील्ड के टीकाकरण में पारस्परिक स्वीकृति पर सहमति व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि सरकार बाकी देशों के साथ बात कर रही है, ताकि दुनिया के सबसे बड़े कोविड-19 टीकाकरण कार्यक्रम के लाभार्थियों को विदेशों में यात्रा की अनुमति मिल सके। जिससे शिक्षा, व्यवसाय और पर्यटन उद्देश्यों के लिए यात्रा आसान हो सके।
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बता दें कि अब तक जिन 96 देशों ने भारतीय टीकों को मान्यता दी है, उनमें संयुक्त राज्य अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम, कनाडा, जर्मनी, बेल्जियम, आयरलैंड, नीदरलैंड, स्पेन, बांग्लादेश, रूस, कुवैत, ओमान, संयुक्त अरब अमीरात, मालदीव और ब्राजील शामिल हैं। मंडाविया ने आगे कहा कि देश में अब तक घातक वायरस के खिलाफ टीकों की 109 करोड़ से अधिक खुराक दी जा चुकी हैं। उन्होंने कहा, 'हर घर दस्तक' के तहत स्वास्थ्यकर्मी सभी घरों में जाकर टीकाकरण अभियान चला रहे हैं।












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