'गुंडागर्दी' को लेकर महाराष्ट्र में गरमाई सियासत, उद्धव सरकार ने 2016 में पूर्व सैनिक की पिटाई का केस किया री-ओपन
मुंबई। महाराष्ट्र में पूर्व नेवी अफसर मदन शर्मा से मारपीट मामले के राजनीतिक मोड़ लेने के बाद अब शिवसेना ने भी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मंगलवार को राज्य की उद्धव ठाकरे सरकार ने साल 2016 में रिटायर्ड सेना के जवान सोनू महाजन के ऊपर हुए हमले की जांच के आदेश दे दिए हैं। बता दें कि इस मामले में तत्कालीन भाजपा विधायक और वर्तमान में सांसद उन्मेष पाटिल और उनके लोगों पर पूर्व सैनिक पर हमला करने का आरोप है।

महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने केस की जांच के आदेश देते हुए कहा, '2016 में रिटायर्ड सेना के जवान सोनू महाजन के ऊपर हुए हमले की जांच को फिर से शुरू करने के आदेश दिए गए हैं। बीजेपी सांसद उन्मेश पाटिल और उनके लोगों पर पूर्व सैनिक से मारपीट का आरोप है, तत्कालीन बीजेपी सरकार ने सोनू महाजन को न्याय नहीं दिया था। इस संबंध में मुझे कई आवदन मिले हैं जिसके बाद महाराष्ट्र पुलिस को जांच के आदेश दे दिए गए हैं। यह अपराध 2016 में हुआ था। लेकिन तब भाजपा की सरकार थी, इसलीये उन्मेष पाटिल के खिलाफ कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई। उच्च न्यायालय के आदेश के बाद 2019 में एक प्राथमिकी दर्ज की गई। लेकिन आगे कोई कानूनी कार्रवाई नहीं हुई।'

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कांग्रेस ने उठाया मुद्दा
गौरतलब है कि महाराष्ट्र की उद्धव ठाकरे सरकार बॉलीवुड एक्ट्रेस कंगना रनौत और पूर्व नेवी ऑफिसर की पिटाई मामले पर घिरी हुई है। इन दोनों ही मामलों को लेकर भाजपा ने शिवसेना का घेराव किया है। इस बीच अब शिवसेना ने भी बीजेपी पर पलटवार करते हुए साल 2016 के केस को री-ओपन कर दिया है। बता दें कि इस मामले को लेकर कांग्रसे सबसे पहले बीजेपी पर निशाना साधा था। कांग्रेस नेता सचिन सावंत ने रविवार को आरोप लगाते हुए कहा था कि पूर्व की बीजेपी सरकार के कार्यकाल के दौरान चालीसगांव के भाजपा सांसद उनमेश पाटिल के इशारे पर सेना के रिटायर्ड जवान सोनू महाजन पर जानलेवा हमला किया गया था। कांग्रेस ने सवाल करते हुए पूछा, भाजपा सांसद को अब तक पुलिस ने गिरफ्तार क्यों नहीं किया है।
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