1 मई से 18 साल से उपर के लोगों को लगेगी वैक्सीन, केंद्र के इस फैसले पर विपक्षी दलों ने उठाए सवाल
नई दिल्ली। देश में कोरोना महामारी की दूसरी लहर के बीच 1 मई से टीकाकरण अभियान का तीसरा चरण शुरू होने जा रहा है। केंद्र सरकार ने तय किया है कि 1 मई से देश में 18 साल से उपर के सभी लोगों को वैक्सीन लगाई जाएगी। केंद्र के इस फैसले पर अब विपक्षी दलों के मुख्यमंत्रियों ने सवाल खड़े किए हैं। विपक्ष के अलावा कुछ एक्सपर्ट का भी कहना है कि इतनी वैक्सीन की उपलब्धता अभी नहीं है कि सभी को टीका लगाया जा सके।
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केंद्र के फैसले पर क्या हैं विपक्ष के मुख्यमंत्रियों के सवाल?
विपक्ष का कहना है कि केंद्र ने वैक्सीन उत्पादक कंपनियों को सप्लाई का 50% राज्यों को देने की छूट दी है। साथ ही वैक्सिन निर्माता कंपनियां अब ओपन मार्केट में भी पहले से निर्धारित कीमत पर वैक्सीन मुहैया करा सकती हैं। विपक्ष ने कहा है कि इस तरह का फैसला अभी तक किसी और देश में नहीं लिया गया है, केंद्र का ये फैसला राज्य सरकारों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ डालेगा। आपको बता दें कि यूपी और असम में भाजपा की सरकार ने तो सभी को मुफ्त में वैक्सीन लगाने की घोषणा तक कर दी है। वहीं अन्य राज्य सरकार का ये आरोप है कि केंद्र तो अपनी जिम्मेदारी से हाथ धो रही है।
ममता बनर्जी ने भी पीएम पर साधा निशाना
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी पीएम मोदी को कहा है कि उन्होंने फरवरी में केंद्र सरकार को एक खत लिखा था, जिसमें उन्होंने अपील की थी कि वो राज्य को सीधे वैक्सीन खरीदने और मुफ्त टीकाकरण की अनुमति दें। उन्होंने कहा कि उस वक्त आपने पत्र का कोई जवाब नहीं दिया। अब जब दूसरी लहर में संक्रमण के मामले बहुत तेजी से बढ़ने लगे हैं तब केंद्र ने देश के लोगों को टीके उपलब्ध कराने की अपनी जिम्मेदारी से खाली बयानबाजी करके हाथ धोने का काम किया है।












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