आजम खान के खिलाफ एकजुट हुआ सदन, बिना शर्त माफी मांगने के लिए कहा
नई दिल्ली। समाजवादी पार्टी के सांसद आजम खान की टिप्पणी पर शुक्रवार को भी लोकसभा में जमकर विवाद हुआ। इसी बीच ऐसी खबरें सामने आ रही हैं कि, विपक्षी नेताओं के साथ लोकसभा स्पीकर ओम बिरला की बैठक में यह निर्णय लिया गया कि एसपी सांसद आजम खान को बीजेपी सांसद रमा देवी पर अमर्यादित टिप्पणी करने के लिए माफी मांगनी होगी। वहीं विपक्षी दलों ने आजम खान को निलंबित करने की मांग की है।

आजम खान माफी नहीं मांगते हैं तो स्पीकर उनके खिलाफ एक्शन लेंगे
शुक्रवार को भी संसद में हंगामा हुआ और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने विभिन्न दलों के नेताओं एवं सदस्यों की बात सुनने के बाद अंत में कहा कि वह सभी दलों के नेताओं के साथ बैठक कर इस बारे में कोई निर्णय करेंगे। उसके बाद शुक्रवार को ही उन्होंने विपक्षी नेताओं अधीर रंजन चौधरी, जयदेव गल्ला, दानिश अली, सुप्रिया सुले और अन्य नेताओं से मुलाकात की। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस बैठक में विपक्षी दलों के नेता भी शामिल हुए। इस बैठक में निर्यण लिया गया कि, आजम खान को बीजेपी सांसद रमा देवी पर अमर्यादित टिप्पणी करने के लिए बिना शर्त माफी मांगनी चाहिए। अगर आजम खान माफी नहीं मांगते हैं तो स्पीकर उनके खिलाफ एक्शन लेंगे।

रमा देवी के समर्थन में आईं विपक्षी दलों की कई महिला सांसद
इससे पहले आजम खान के खिलाफ कार्रवाई के लिए लोकसभा में आज सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास किया गया। जिससे स्पीकर को ये अधिकार दिए गए कि वह आजम खान पर कार्रवाई कर सकते हैं। आजम खान द्वारा रमा देवी को लेकर की टिप्पणी के बाद कई महिला सांसद राम देवी के पक्ष में खड़ी हो गई हैं। शुक्रवार को अपना दल की सांसद अनुप्रिया पटेल ने रमा देवी के साथ एक तस्वीर ट्विटर पर साझा की। इसमें राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की सुप्रिया सुले, बीजेपी की किरण खेर, अनुप्रिया पटेल और मीनाक्षी लेखी नजर आ रही हैं।

इस तरह की भाषा कतई स्वीकार्य नहीं:सुप्रिया सुले
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की सुप्रिया सुले ने कहा कि इस तरह की भाषा कतई स्वीकार्य नहीं है। उनका सिर शर्म से झुक गया है। इस तरह के व्यवहार के प्रति 'जीरो टॉलरेंस' की वकालत करते हुये उन्होंने कहा कि यदि आज इसे स्वीकार कर लिया जाता है जो यह भविष्य के लिए गलत उदाहरण पेश करेगा। डीएमके की कनिमोई ने कहा कि यह सच्चाई है कि महिलाएं आज भी अपमानित होती हैं, सदन के भीतर भी। उन्होंने कहा कि जब सदन के भीतर महिलाओं के साथ इस तरह का व्यवहार होता है तो सदन के बाहर क्या उम्मीद की जा सकती है। अपना दल की अनुप्रिया पटेल ने कहा कि गुरुवार को जो हुआ उससे पूरा देश शर्मसार है। भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त से सख्त कार्रवाई की जरूरत है।












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