Scalp Missiles: भारत का आतंक पर करारा प्रहार! क्या है स्कैल्प मिसाइल जिससे भारत ने उड़ाई पाकिस्तान की नींद
Scalp Missiles: 15 दिन पहले जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर दिया था। इस हमले में मारे 26 निर्दोष पर्यटक मारे गए जिसने देशभर में आक्रोश पैदा कर दिया। इसके जवाब में भारत ने तय किया कि अब चुप नहीं बैठा जाएगा। राष्ट्रीय सुरक्षा पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
इसी कड़ी में भारतीय सेना ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत पाकिस्तान और पीओके में स्थित जैश-ए-मोहम्मद के 9 ठिकानों पर जोरदार एयर स्ट्राइक की। यह कार्रवाई मंगलवार देर रात की गई, जिसमें भारतीय वायुसेना के राफेल फाइटर जेट से स्कैल्प मिसाइलें दागी गईं। यह ऑपरेशन एक सटीक योजना और कड़े संदेश के साथ किया गया कि भारत अब हर आतंकी हमले का जवाब उसी भाषा में देगा।

स्कैल्प मिसाइल: लंबी दूरी तक मार करने वाली हथियार प्रणाली
इस ऑपरेशन में जिन स्कैल्प मिसाइलों का इस्तेमाल हुआ, वे यूरोपियन डिफेंस कंपनी MBDA द्वारा बनाई गई हैं। ये मिसाइलें खासतौर पर सटीक निशाना लगाने और लंबी दूरी तक हमला करने के लिए जानी जाती हैं। स्कैल्प मिसाइल की रेंज करीब 560 किलोमीटर तक होती है। राफेल, मिराज 2000, यूरोफाइटर टायफून जैसे कई लड़ाकू विमानों से इसे दागा जा सकता है।
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कैसे काम करती है स्कैल्प मिसाइल
इस मिसाइल में एडवांस गाइडेंस सिस्टम, GPS और इंफ्रारेड कैमरा लगा होता है, जो टारगेट की तस्वीरों को पहले से मौजूद डेटा से मिलाता है। मिलान होते ही मिसाइल सीधे लक्ष्य पर हमला करती है। खराब मौसम में भी इसकी सटीकता पर कोई असर नहीं पड़ता।
कई युद्धों में हो चुका है इस्तेमाल
स्कैल्प मिसाइल का इस्तेमाल पहले भी इराक, लीबिया, सीरिया और रूस-यूक्रेन युद्ध में किया जा चुका है। करीब 1300 किलो वजनी इस मिसाइल का निशाना अब तक अचूक माना गया है।
'संकेत था कार्रवाई का'
हमले से कुछ देर पहले भारतीय सेना ने सोशल मीडिया पर एक संदेश जारी किया था - "प्रहाराय सन्निहिताः, जयाय प्रशिक्षिताः", यानी हमले के लिए तैयार और जीत के लिए प्रशिक्षित। इससे यह साफ हो गया था कि भारत पलटवार के लिए तैयार है। इसके बाद देर रात सेना ने ऑपरेशन को अंजाम दिया।
सरकार ने दिया फ्री हैंड
हमले के बाद सरकार ने सेना को पूरी छूट दे दी थी। रक्षा मंत्रालय और शीर्ष अधिकारियों की लगातार बैठकों के बाद यह ऑपरेशन अंजाम तक पहुंचा। भारत का यह कदम आतंक के खिलाफ उसकी जीरो टॉलरेंस नीति को फिर से मजबूत करता है।
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