दिल्ली-मुंबई में प्याज की कीमतों में पिछले पांच सालों में भारी उछाल, नवंबर में कीमत पहुंची 80 रुपए किलो तक
दिल्ली और मुंबई जैसे प्रमुख शहरों में प्याज की कीमतों में भारी वृद्धि देखी गई है। जिससे उपभोक्ताओं और बाजार में व्यापक चिंता फैल गई है। एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार थोक बाजारों में प्याज की कीमतें 70-80 रुपए प्रति किलोग्राम तक पहुंच चुकी हैं। जो पिछले 40-60 रुपए की सीमा से काफी अधिक है। कीमतों में यह उछाल उपभोक्ताओं के घरेलू बजट और खरीद के तरीकों पर सीधा प्रभाव डाल रही है।
खुदरा विक्रेताओं और ग्राहकों को परेशानी
दिल्ली के थोक विक्रेताओं ने खुलासा किया कि हाल के दिनों में बढ़ी हुई कीमतों के चलते खुदरा विक्रेताओं और ग्राहकों को भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इस समय प्याज की मांग तो बनी हुई है। लेकिन बढ़ती कीमतों के कारण कई उपभोक्ता इसे खरीदने से कतरा रहे हैं। दिल्ली और मुंबई में पांच वर्षों में प्याज की कीमतें इस उच्चतम स्तर पर पहुंच गई हैं। जिससे खाद्य बजट प्रभावित हो रहा है और विक्रेताओं की बिक्री पर असर पड़ रहा है।

परिवार के बजट पर बड़ा दबाव
मुंबई की बाजार रिपोर्ट के अनुसार प्याज और लहसुन जैसे बुनियादी आवश्यकताओं की बढ़ती कीमतों से वहां के लोग भी प्रभावित हो रहे हैं। मुंबई के एक उपभोक्ता डॉ. खान ने बताया कि उनके परिवार के बजट पर भारी दबाव पड़ा है और उन्हें खरीदारी में सावधानी बरतनी पड़ रही है। इसी प्रकार दिल्ली की रहने वाली फैजा ने बढ़ी हुई कीमतों के कारण उनकी खाने की आदतों में बदलाव का जिक्र किया और सरकार से हस्तक्षेप की मांग की ताकि प्याज जैसी आवश्यक वस्तुएं सस्ती रहें।
प्याज की कीमतें सामान्य स्तर पर लौटने की उम्मीद
इस बीच कुछ लोग आशा जता रहे हैं कि सेंसेक्स के उतार-चढ़ाव की तरह प्याज की कीमतें भी जल्द सामान्य स्तर पर लौट आएंगी। लेकिन मौजूदा हालात में यह स्थिति स्थिरता लाने के लिए सरकार की तरफ से ठोस कदम उठाने की मांग करती है। ताकि रोजमर्रा के जीवन पर पड़ रहे असर को कम किया जा सके और आवश्यक वस्तुएं आम जनता की पहुंच में बनी रहें।












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