तेज बहादुर यादव के बाद एक और BSF जवान ने डाला वीडियो, बताया किस-किस तरह के होते हैं घपले
बीएसएफ के जवान तेज बहादुर यादव के वीडियो के बाद अब एक अन्य रिटायर्ड बीएसएफ के जवान ने इंटरनेट पर वीडियो डाला है, जिसमें उसने खाने के अलावा कई अन्य परेशानियों को उजागर किया है।
नई दिल्ली। हाल ही में बीएसएफ के एक जवान तेज बहादुर यादव ने उन्हें मिलने वाले खराब खाने की शिकायत का वीडियो सोशल मीडिया पर डाला था। इसके बाद अब बीएसएफ से ही रिटायर एक अन्य जवान ने एक वीडियो सोशल मीडिया पर डाला है। इस जवान ने पहले तो तेज बहादुर यादव को बीएसएफ की पोल खोलने के लिए धन्यवाद कहा और फिर बताया कि बीएसएफ में सिर्फ खाने को लेकर भ्रष्टाचार नहीं है, बल्कि कई और भी मामले हैं। उन्होंने बताया कि वह इंस्पेक्टर पद से स्वैच्छिक सेवानिवृत्त (वॉलिंटरी रिटायरमेंट) हुए थे। उनके अनुसार न चाहते हुए भी उच्च अधिकारियों द्वारा परेशान किया जाने के कारण ही उन्हें स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेनी पड़ी थी।

इस जवान ने 10 साल से अपनी वर्दी संभाल के रखी थी और उसे ही पहनकर यह वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड किया है। उन्होंने कहा कि जो जवान उच्च अधिकारियों की चमचागिरी करते हैं उन्हें तो छुट्टी मिल जाती है, लेकिन जो ऐसा नहीं करता उन्हें छुट्टी के लिए भी परेशान किया जाता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जवान को सही समय से छुट्टी न देने की वजह से उसे अक्सर ट्रेन में बने शौचालय सामने चादर बिछाकर उस पर लेटकर लंबी-लंबी यात्राएं करनी पड़ती हैं। इसके अलावा उन्होंने कहा कि बाघा बॉर्डर के जवानों ने जो वर्दी पहनी है, वह उन्होंने अपने पैसों से खरीदकर पहन रखी है। जो वर्दी उन्हें दी जाती है वह एक बार धोने के बाद किसी काम की नहीं रहती है।
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बॉर्डर पर कैंपों के मेंटेनेंस के लिए जो राशन आता है वह भी जवानों के राशन से ही लाया जाता है। कोई उच्च अधिकारी अगर आता है तो उसके लिए मुर्गा, दारू, सिगरेट जैसी सुविधाएं दी जाती हैं। जवानों और उनके परिवार के वेलफेयर के लिए भी जो पैसा आता है उसे उच्च अधिकारी चाट जाते हैं। बॉर्डर पर ऊपर की तरफ जो जवान होते हैं उनके पास तो आधा राशन भी नहीं पहुंचता। साथ ही 10-10 साल तक एक ही वर्दी को एक जवान पहनता है उसे ही दूसरे जवान को दे दी जाती है। इसके अलावा जो जवान उच्च अधिकारियों की सुरक्षा में लगे होते हैं वो अधिकारी के बच्चों को स्कूल छोड़ने, घर का काम करने और खाना तक बनाने का काम करते हैं। अगर कोई अधिकारी काम करने से मना करता है तो उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता है।
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उन्होंने कहा कि वर्दी और अन्य चीजें खरीदने में भी कई घपले किए जाते हैं। आजकल बहुत से जवान वॉलिंटरी रिटायरमेंट ले रहे हैं। इसका कारण यही है कि वह अपने उच्च अधिकारियों से परेशान हो जाते हैं। कई बार तो सरेआम जवानों को परेशान किया जाता है। जो उच्च अधिकारी आते हैं उनमें से काफी कम ही लोग होते हैं जो जवानों के बारे में सोचते हैं। उन्होंने एक उच्च अधिकारी प्रकाश सिंह का नाम लेते हुए कहा कि सिर्फ वही एक अच्छे उच्च अधिकारी थे, जिनकी सेवा को बढ़ाने पर रोक लगा दी गई थी। विदाई के समय भी प्रकाश सिंह बहुत ही उदास थे और उन्होंने कहा था कि उन्हें जवानों के बारे में सोचने के लिए समय नहीं दिया गया।
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बीएसएफ के इस जवान ने अपने वीडियो में यह भी कहा है कि सीमा पर कोई भी जवान 3 घंटे से अधिक सो नहीं सकता है। अगर कोई जवान ईमानदारी से ड्यूटी करता है तो उसे 18 घंटे की ड्यूटी देनी पड़ती है और खाना, नहाना, कपड़े धोने जैसे काम अलग से करने होते हैं। हालांकि, उन्होंने कहा कि हर उच्च अधिकारी बुरा नहीं होता, कुछ अच्छे भी होते हैं। खासकर जो अधिकारी एसपीजी से जाते हैं वह जवानों की भलाई के लिए काम करते हैं। इस वीडियो के शुरू होने से पहले एक तस्वीर दिखती है, जिसमें लिखा गया है कि यह वीडियो तेज बहादुर यादव ने रिलीज किया है, जो गलती है। अभी इस वीडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है कि इस वीडियो को जारी करने वाला यह बीएसएफ का जवान कौन है। आप भी देखिए पूरा वीडियो।












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