आर्थिक संकट से उबरने के लिए वैश्विक और राष्ट्रीय सुधार के लिए दुनिया को आगे आने की जरूत: ओम बिरला
नई दिल्ली, 08 सितंबर। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने वैश्विक औ राष्ट्रीय सुधार की आवश्यकता के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय को साथ आने की जरूरत है। ओम बिरला ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को कोरोना महामारी के काल में दुनिया को न्यायपूर्ण और बराबरी का मौका देने के लिए वैश्विक और राष्ट्रीय सुधारों को बढ़ावा देना चाहिए। ओम बिरला ने यह बयान वर्ल्ड कॉन्फ्रेंस ऑफ स्पीकर्स ऑफ पार्लियामेंट की डिबेट में दिया है। इस दौरान ओम बिरला ने कोरोना महामारी के काल में भारत के वैश्विक प्रयास की भी दुनिया के सामने रखा।

ओम बिरला ने कहा कि कोरोना के बाद वैश्विक अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए सदस्य देशों के सहयोग और मदद की जरूरत है। जिससे की वैश्विक अर्थव्यवस्था को जल्द नुकसान से उबारा जा सके। बिरला ने कहा कि भारत इस दिशा में सबसे आगे हैं, मानवीय संकट के लिए मदद के लिए भारत लगातार महामारी के काल में सहायता शिविर और ऑपरेशन चलाता रहा है। भारत ने 150 से अधिक देशों को वैक्सीन, दवा और अन्य उपकरण मुहैया कराए और दुनिया के बेहतर स्वास्थ्य के लिए अपनी प्रतिबद्धता को जाहिर किया।
ओम बिरला ने कहा कि कोरोना काल में भारत इस महामारी से निपटने के लिए बेहद सक्रिय था। शुरुआत में भारत ने जो कदम उठाए उसकी वजह से भारत को इस महामारी से लड़ने के लिए समय और संसाधन जुटाने में मदद मिली। हमने अपनी यहां पीपीई किट्स का उत्पादन बढ़ाया, मास्क, फेस कवर, ऑक्सीजन, दवा, वेंटिलेटर और अन्य साजो-सामान जिसकी जररूत कोरोना से लड़ने के लिए होती है उसका उत्पादन किया। भारत ने शुरुआत में लॉकडाउन का ऐलान किया, इसके बाद दो बड़े आर्थिक पैकेज दिए गए, जिससे लोगों को काफी राहत मिली।












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