कर्मचारी की मौत के बाद विवादों में OLA की AI यूनिट 'Krutrim', टॉक्सिक वर्क कल्चर पर अब कंपनी ने तोड़ी चुप्पी
OLA Krutrim: हाल ही में ओला की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यूनिट 'कृत्रिम' को लेकर एक गंभीर विवाद सामने आया है। कंपनी के एक युवा और प्रतिभाशाली कर्मचारी निखिल सोमवंशी के आत्महत्या करने की खबर ने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया है। इस घटना के बाद कई लोगों ने कृत्रिम के वर्क कल्चर पर गंभीर आरोप लगाना शुरू कर दिया है।
एक Reddit पोस्ट में निखिल के साथ हुए कथित भेदभाव और अत्यधिक काम के दबाव को लेकर खुलासे किए गए हैं, जिससे कंपनी की छवि को बड़ा धक्का लगा है। सोशल मीडिया पर यह मामला तेजी से वायरल हुआ और लोगों ने कंपनी के अंदर की परिस्थितियों को लेकर गहरी चिंता जताई है।

अब कंपनी की तरफ से भी बयान आया है जिसमें उन्होंने निखिल की मौत पर दुख जताते हुए कहा कि वह उस वक्त पर्सनल लीव पर थे। लेकिन सवाल अभी भी उठ रहे हैं कि क्या वाकई काम का माहौल कर्मचारियों के लिए सुरक्षित और सहायक है?
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कंपनी ने दी सफाई, कहा- पर्सनल लीव पर थे निखिल
कृत्रिम ने एक बयान में कहा कि निखिल 8 मई को दुनिया से चले गए और उस समय वह पर्सनल लीव पर थे। कंपनी ने कहा, "हमारे सबसे होनहार कर्मचारियों में से एक निखिल के दुखद निधन से हम बेहद आहत हैं। यह हमारे लिए बहुत बड़ा नुकसान है।"
'निखिल ने खुद मांगी थी छुट्टी'
कंपनी के अनुसार, निखिल ने 8 अप्रैल को अपने मैनेजर को बताया था कि उन्हें कुछ दिन आराम चाहिए। इसके बाद उन्हें पर्सनल लीव दी गई। 17 अप्रैल को उन्होंने फिर कहा कि वह थोड़ा बेहतर महसूस कर रहे हैं लेकिन अभी और आराम करना चाहेंगे, जिस पर उनकी छुट्टी और बढ़ा दी गई।
कंपनी में अगस्त 2023 से कर रहे थे काम
निखिल ने अगस्त 2023 में कृत्रिम में मशीन लर्निंग इंजीनियर के तौर पर जॉइन किया था। कंपनी ने कहा, "हम निखिल के परिवार और सभी कर्मचारियों को इस कठिन समय में पूरा सहयोग दे रहे हैं। हम जांच एजेंसियों के संपर्क में हैं और जो भी जरूरी होगा, वह मदद करेंगे।"
Reddit पोस्ट से मचा बवाल
इस मामले ने तूल तब पकड़ा जब एक अनजान Reddit यूजर ने कंपनी के वर्क कल्चर को 'ट्रॉमेटिक' बताया। पोस्ट में कहा गया कि दो कर्मचारियों के जाने के बाद निखिल पर तीन लोगों का काम डाल दिया गया था।
मैनेजर पर भी लगाए गए आरोप
पोस्ट में यह भी आरोप लगाया गया कि निखिल का मैनेजर अमेरिका में रहता है और भारत की टीम से तालमेल नहीं बिठाता। मीटिंग्स में नए कर्मचारियों के साथ बुरा व्यवहार होता है और भाषा भी काफी कठोर होती है।
सोशल मीडिया पर फूटा लोगों का गुस्सा
यह पोस्ट देखते ही देखते वायरल हो गई और लोगों ने सोशल मीडिया पर कंपनी के खिलाफ नाराजगी जाहिर की। कई यूजर्स ने नई कंपनियों के काम के दबाव और टॉक्सिक कल्चर को लेकर चिंता जताई।
कंपनी की छवि पर असर
निखिल की दुखद मौत और उसके बाद सामने आए आरोपों ने कृत्रिम की छवि पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि कंपनी इन आरोपों से कैसे निपटती है और क्या वाकई कर्मचारियों की स्थिति में सुधार होता है।
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