OI Exclusive Investigation: अहमदाबाद के जिस हॉस्टल पर गिरा विमान, उसे बताया गया था खतरा, क्यों किया नजरअंदाज?
OI Exclusive Investigation: 12 जून 2025 को अहमदाबाद से लंदन के गैटविक एयरपोर्ट के लिए उड़ान भरने वाला एयर इंडिया का विमान AI-171, उड़ान भरने के महज 30 सेकंड के बाद ये अहमदाबाद के मेघाणी नगर के बीजी मेडीकल कॉलेज स्थित छात्रों के हॉस्टल पर जा गिरी। जिसमें कुल 270 से ज्यादा लोग मारे गए। मरने वालों में एक बड़ी संख्या उन लोगों की भी है जो ना तो इस विमान में मौजूद थे। वे रोजाना की तरह अपने दिन के काम में जुटे हुए थे। अब एविशन एक्सपर्ट यशवंत शिनॉय ने वनइंडिया हिंदी को बताया कि जिस हॉस्टल पर विमान गिरा, उसे AAI (Airport Authority of India) ने पहले ही बाधा (खतरा) बताया था।
क्या है बाधा का मतलब?
दरअसल, किसी भी एयरपोर्ट के आसपास कोई भी इन्फ्रास्ट्रक्चर या टॉवर या फिर कोई भी ऊंचाई वाली प्रतिमा बनाई जाती है तो इसके लिए सबसे पहले DGCA से अप्रूवल लेना होता है। उसके बाद जब वो बिल्डिंग, टॉवर या कोई भी इन्फ्रास्ट्रक्चर बन जाता है तो AAI उसे चेक करता है। चेक में यदि वह तय ऊंचाई ज्यादा या तय दूरी से पास होता है तो उसे AAI के द्वारा Obstacle (बाधा) के रूप में टैग किया जाता है।
रन-वे से कितनी दूर था हॉस्टल?
इस हॉस्टल की दूरी रन-वे से एक दम सीधी दिशा में सिर्फ 800 से 900 मीटर के बीच थी। यशवंत शिनॉय ने वनइंडिया को बताया कि "जिस हॉस्टल पर विमान गिरा है उसका निर्माण नियमों को ताक पर रखकर हुआ था। उस पर पहले से ही विमान हादसे का खतरा था। लेकिन किसी ने इस पर ध्यान नहीं दिया। अब हादसा हो गया है तो इसकी चर्चा हो रही है।" ऐसे में ये जानना बेहद जरूरी हो जाता है कि एविएशन के मामले में इंटरनेशनल नियम क्या कहते हैं।

1. इनर हॉरिजॉन्टल सरफेस (Inner Horizontal Surface)
• एयरक्राफ्ट एक्ट, 1934 के तहत परिभाषित।
• एयरड्रोम रेफरेंस प्वाइंट (ARP) से 5 किलोमीटर की परिधि में लागू।
• इस क्षेत्र में ऊंची इमारतों के निर्माण पर प्रतिबंध होता है।
• अधिकतम ऊंचाई सीमा सामान्यतः 45 मीटर होती है।

2. दूरी के आधार पर ऊंचाई प्रतिबंध
रनवे के पास
• रनवे के पास निर्माण पर अधिक सख्त ऊंचाई प्रतिबंध लागू होते हैं:
◦ 100 मीटर ऊंची इमारत → लगभग 1.2 किमी दूरी पर स्वीकृत।
◦ 150 मीटर ऊंची इमारत → लगभग 1.5 किमी दूरी पर स्वीकृत।
थोड़ी दूरी पर
• जैसे-जैसे रनवे से दूरी बढ़ती है, ऊंची इमारतों की अनुमति मिल सकती है:
◦ 200 मीटर ऊंचाई → 1.9 किमी दूर स्वीकृत।
◦ 300 मीटर ऊंचाई → 2.6 किमी दूर स्वीकृत।
टेक-ऑफ और लैंडिंग पाथ
• इन महत्वपूर्ण क्षेत्रों में भी ऊंचाई सीमाएं तय हैं:
◦ 150 मीटर ऊंचाई → 3.5 किमी दूरी पर स्वीकृत।
◦ 300 मीटर ऊंचाई → 6.5 किमी दूरी पर स्वीकृत।
अधिकतम ऊंचाई
एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) ने रनवे से 20 किमी की परिधि में किसी भी निर्माण की अधिकतम ऊंचाई 300 मीटर तय की है।
हॉस्टल पहले से ही बना हुआ था खतरा- एक्सपर्ट
वनइंडिया से बातचीत में एविएशन एक्सपर्ट यशवंत शिनॉय ने बताया कि इस हॉस्टल को AAI ने एक बाधा के रूप में पहले ही टैग किया था। बावजूद इसके, न तो इस हॉस्टल को गिराया गया बल्कि इसमें छात्रों का रहना जारी रहा। ऐसी कई और बाधाएं थीं जिन्हें AAI ने चिन्हित किया था। शिनॉय ने इसे लेकर DGCA और AAI दोनों पर सवाल उठाए हैं। अगर ये हॉस्टल वहां स्थित नहीं होता तो कई लोगों की जान बच सकती थी।
क्या सिर्फ अहमदाबाद एयरपोर्ट पर ही हैं ऑब्स्टेक्ल्स?

"यशवंत शिनॉय ने बताया कि ऐसा नहीं है कि सिर्फ अहमदाबाद एयरपोर्ट पर ही बाधाएं हैं। दिल्ली के IGI इंटरनेशनल एयरपोर्ट के रनवे के ठीक सामने हैं। जिसकी वजह से पायलट्स रन-वे का पूरा इस्तेमाल ही नहीं कर पाते। इसके अलावा मुंबई एयरपोर्ट के दो रन-वे का भी यही हाल है। साथ ही सूरत एयरपोर्ट के रन-वे के सामने भी बिल्डिंग है और हैरानी की बात है कि सभी निर्माण सुचारु ढंग से इस्तेमाल में हैं। न तो AAI को इसकी फिक्र है और न ही DGCA को।"
इस इन्वेस्टिगेशन पर आपकी क्या राय है, हमें कॉमेंट में बताएं।












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