ओडिशा: चुनाव में टिकट के दावेदारों की सोशल मीडिया पर खराब पहुंच और जनसंपर्क की कमी ने भाजपा की बढ़ाई चिंता
2024 में लोकसभा चुनाव के अलावा ओडिशा में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। ओडिशा में 20 साल से नवीन पटनायक की बीजू जनता दल का कब्जा है। आगामी चुनाव में प्रमुख विपक्षी भारतीय जनता पार्टी जीत हासिल कर बीजद को सत्ता से बेदखल कर कब्जा जमाने की फिराक में है लेकिन भाजपा के केंद्रीय नेता राज्य में टिकट के दावेदारों की सोशल मीडिया पर खराब भागीदारी को लेकर संतुष्ट नहीं है। इस सबके के बावजूद भाजपा ओडिशा चुनाव में अपनी जीत की उम्मीद लगाए बैठी है।

बता दें ओडिशा में कुछ को छोड़कर राज्य के नेताओं विशेषकर सांसदों और विधायकों की भागीदारी बिल्कुल भी संतोषजनक नहीं है। इसके अलावा ओडिशा में भाजपा के टिकट के दावेदारों की सोशल मीडिया पर खराब पहुंच है जो केंद्रीय नेताओं की परेशानी की प्रमुख वजह है।
हालांकि नेता समय-समय पर अलग-अलग जीत के आंकड़े दे रहे हैं, लेकिन पार्टी के केंद्रीय नेता निर्वाचित प्रतिनिधियों और टिकट के दावेदारों के बीच जनसंपर्क की कमी और खराब सोशल मीडिया कनेक्शन को लेकर चिंतित हैं।
राउरकेला में पार्टी के राष्ट्रीय संगठन सचिव बीएल संतोष, महासचिव और ओडिशा प्रभारी सुनील बंसल और सह-प्रभारी विजयपाल सिंह तोमर सहित तीन केंद्रीय पदाधिकारियों के साथ राज्य भाजपा नेताओं की 4 और 5 जनवरी को संपन्न हुए दो दिवसीय विचार-मंथन सत्र के दौरान यह मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया और नेताओं ने इस पर चिंता व्यक्त की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार के नौ साल पूरे होने पर भाजपा ने मतदाताओं के विभिन्न वर्गों के लिए कल्याणकारी योजनाओं पर विशेष जोर देने के साथ एनडीए सरकार के प्रदर्शन पर एक रिपोर्ट कार्ड पेश करने के उद्देश्य से सार्वजनिक आउटरीच कार्यक्रमों की एक श्रृंखला शुरू की।












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