ओडिशा: स्वास्थ्य कर्मियों पर हमला करने वालों पर लगेगा NSA,जान गई तो कोरोना योद्धाओं को शहीद का दर्जा
नई दिल्ली- कोरोना वायरस से अपनी जान की बाजी लगाकर जंग लड़ रहे कोरोना योद्धाओं की हिफाजत के लिए ओडिशा सरकार ने कई अहम फैसले किए हैं। राज्य के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने साफ किया है कि स्वास्थ्य कर्मियों पर यदि कोई हमला करता है तो वह देश पर हमला माना जाएगा और ऐसे अपराधियों पर उसी गंभीरता के साथ कार्रवाई की जाएगी और कानूनी धाराओं का इस्तेमाल किया जाएगा।

स्वास्थ्य कर्मियों पर हमला, राष्ट्र पर हमला- सीएम
ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने कहा है कि, 'उनके (स्वास्थ्य कर्मियों) खिलाफ कोई भी कार्रवाई राष्ट्र के खिलाफ कार्रवाई है। यदि कोई भी व्यक्ति इस तरह के मामलों में संलिप्त पाया जाता है, जिससे कि उनका कार्य बाधित हो या उनके कार्यों की अवहेलना हो, ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त आपाराधिक धाराओं के तहत कदम उठाया जाएगा, जिसमें कि राष्ट्रीय सुरक्षा कानून का प्रावधान भी शामल है।' पटनायक ने कहा कि 'राज्य सरकार, भारत सरकार की पहल के मुताबिक ही यह सुनिश्चित करेगी कि सभी तरह के स्वास्थ्य कर्मी (निजी और सरकारी) और इस कार्य में जुटे सभी सेवाओं के सदस्यों को जो कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में अपना बहुमूल्य जीवन गंवा देते हैं, उन्हें 50 लाख रुपये दिए जाएं।'
जान गंवाने वाले कोरोना वॉरियर्स को शहीद का दर्जा
यही नहीं, सबसे बड़ी बात ये है कि ओडिशा सरकार ने यह भी घोषणा की है कि कोविड-19 से लड़ते हुए अपनी जान गंवाने वाले लोगों को न केवल शहीद का दर्जा दिया जाएगा, बल्कि उनका पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा है, 'राज्य उन्हें शहीद का दर्जा देगा और उनका राजकीय सम्मान के साथ राजकीय प्रावधानों के तहत अंतिम संस्कार किया जाएगा। उनके अद्वितीय बलिदान के लिए पुरस्कार देने की एक विस्तृत योजना तैयार की जाएगी। ये पुरस्कार राष्ट्रीय दिवसों पर दिए जाएंगे।'
बता दें कि ओडिशा में कोविड-19 पॉजिटिव केसों की संख्या 79 तक पहुंच चुकी है। मंगलवार को इन मामलों में 5 नए केस का इजाफा हुआ है। सभी नए केस बालाकोर जिले में मिले हैं, जो कि पश्चिम बंगाल से सटा हुआ है।












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