गरीबों के विकास के लिए विश्व बैंक की मदद से ओडिशा सरकार उठा रही है ये बड़ा कदम
ओड़िशा सरकार के इस जन कल्याण कार्यक्रम से बहुतों को फायदा मिलने वाला है। इसके अलावा राज्य सरकार एक नई केंद्रीय योजना भी लागू करना चाहती है।

ओडिशा सरकार विश्व बैंक की मदद गरीबों और कमजोर लोगों के समग्र विकास के लिए बड़ा कदम उठाने जा रही है। ओडिशा सरकार गरीबों और कमजोर लोगों की आजीविका, आपदा-जोखिमों का प्रबंधन करने, सेवा वितरण योजना के लिए डिजिटल डेटा के बेहतर उपयोग की सुविधा के लिए विश्व बैंक की सहायता से एक अभिनव पहल को लागू करने की योजना बना रही है। ओडिशा सरकार का ऐसा करने के पीछे का मसकद सामाजिक सुरक्षा वितरण मंच (एसपीडीपी), अर्थशास्त्र और सांख्यिकी विंग को मजबूत करना और आपदा लचीलापन की क्षमता को बढ़ाना है।
पांच साल की अवधि में लागू किए जाने वाले 145 मिलियन अमेरिकी डॉलर के कार्यक्रम से ओडिशा राज्य सरकार की रणनीति में निर्धारित कुछ प्रमुख उद्देश्यों को भी समर्थन मिलेगा। ताकि कोरोना महामारी के बाद बढ़ी हुई अनिश्चितता को समाधान किया जा सके।
सरकार ने जानकारी दी है कि एससीआरजीपी के हिस्से तौर रर नागरिकों को कार्यक्रमों तक पहुंच बनाने की अनुमति देने के लिए एक एकीकृत सामाजिक सुरक्षा वितरण प्रणाली विकसित की जाएगी। इससे गरीब और कमजोर परिवारों की बेहतर सुरक्षा दी जाएगी और उनके विकास में मदद हो पाएगी।
रिपोर्ट के मुताबिक राज्य सरकार के पास 4.7 करोड़ आबादी के लिए अलग-अलग डेटाबेस हैं, जिसपर ये सभी योजना आधारित हैं। हालांकि फिर से सरकार के लिए पात्र लाभार्थियों का पता लगाना मुश्किल होने वाला है। ओड़िशा सरकार के इस जन कल्याण कार्यक्रम से बहुतों को फायदा मिलने वाला है। इसके अलावा राज्य सरकार एक नई केंद्रीय योजना भी लागू करना चाहती है।
एक अधिकारी ने कहा कि मान लीजिए कि कोई नागरिक पांच कल्याणकारी योजनाओं के लिए पात्र है, तो अब यह पता लगाना मुश्किल है कि क्या उसे वास्तव में इन योजनाओं के तहत लाभ मिल रहा है या नहीं। इसी तरह लाभार्थियों का मानचित्रण करना बहुत कठिन हो जाता है। एक बार एक एकीकृत डेटाबेस तैयार हो जाने के बाद, हम प्रभावी रूप से योजना, निगरानी और विस्तार कर सकते हैं।"












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