'फानी' की वजह से ओडिशा में हुई तबाही, यूपी समेत कई राज्यों ने खोला अपना 'खजाना'
कोलकाता। ओडिशा और पश्चिम बंगाल में आए चक्रवाती तूफान 'फानी' का खतरा अब टल चुका है, हालांकि चक्रवाती तूफान की वजह से अब तक 16 लोगों की मौत हो चुकी है। 'फानी' से ओडिशा में 10 हजार गांवों और 52 शहरी क्षेत्रों प्रभावित हुए जहां राहत और पुनर्वास काम शुरू कर दिए गये हैं, ओडिशा सरकार को इस आपदा से निपटने के लिए देश के अन्य राज्य भी मदद के हाथ बढ़ा रहे हैं।
सीएम योगी का ऐलान- ओडिशा को सीएम रिलीफ फंड से देंगे 10 करोड़ रुपये
यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने फानी तूफान से पीड़ितों और प्रभावित लोगों के लिए आपातकालीन राहत के लिए सीएम राहत कोष से 10 करोड़ रुपए देने की घोषणा की है तो वहीं, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के. पलनीस्वामी ने भी मुख्यमंत्री राहत कोष से ओडिशा सरकार को 10 करोड़ रुपए तुरंत देने का आदेश दिया है।
भुवनेश्वर में रेल सेवा बहाल
वैसे आपको बता दें कि रविवार को भुवनेश्वर में रेल सेवा भी बहाल कर दी गई है, फानी तूफान की वजह से इस एरिया में ट्रेन सेवा को बंद कर दिया गया था। मालूम हो कि संयुक्त राष्ट्रसंघ (United Nations) UN ने तूफान फानी (Cyclone Fani) के बारे में सटीक अनुमान लगाने के लिए भारत के मौसम विभाग की तारीफ की है।
आपदा प्रबंधन समिति
यूएन की आपदा प्रबंधन समिति की ओर से कहा गया है कि तूफान के पहले दी गई वॉर्निंग्स या अलर्ट की वजह से अथॉरिटीज ने एक सही इवैक्यूएशन प्लान बना सकीं और लोगों को सुरक्षित जगह पर ले जा सकीं। इसकी वजह से ही मौतों का आंकड़ा सबसे कम हो सका है।
20 वर्षों में भारत में दस्तक देने वाला सबसे भयानक तूफान
आपको बता दें ति फानी, पुरी के करीब शुक्रवार की सुबह पहुंचा था, यह तूफान 20 वर्षों में भारत में दस्तक देने वाला सबसे भयानक तूफान था, रत के मौसम विभाग (आईएमडी) की ओर से इस तूफान को बहुत ही बहुत ही खतरनाक चक्रवाती तूफान करार दिया गया था। यूएन की एजेंसियां भी लगातार फानी पर नजर बनाए हुए थीं। फानी की तूफान की वजह से शुक्रवार को 175 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने लगी थीं। भारी बारिश की वजह से कई इलाकों में बाढ़ के हालात थे। वहीं 28 मिलियन लोग इस तूफान के आने वाली जगहों पर रह रहे थे।












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