OCCRP Report : कौन हैं विनोद अडानी ? राहुल गांधी ने क्यों लिया इनका नाम?
Who is Vinod Adani: लगभग 7 महीने के बाद एक बार फिर से मशहूर उद्योगपति गौतम अडानी विवादों में है, हिंडनबर्ग रिपोर्ट के बाद ओसीसीआरपी ने अडानी ग्रुप पर रिपोर्ट जारी की है। जिसमें उसने अडानी ग्रुप पर गलत तरीके से शेयरों की कीमतें बढ़ाने का आरोप लगाया है।

हालांकि अडानी ग्रुप सिरे से OCCRP के आरोपों को खारिज कर चुका है लेकिन इसके बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक प्रेसवार्ता करके फिर से गौतम अडानी पर बड़ा हमला बोला है। आपको बता दें कि राहुल की ये पीसी मुंबई में होने वाली विपक्षी गठबंधन की बैठक से ठीक पहले हुई, जिसमें उन्होंने गौतम अडानी के भाई विनोद अडानी का नाम लेकर कई सवाल उठाए हैं।
क्या कहा राहुल गांधी ने?
राहुल गांधी ने कहा कि देश जानना चाहता है कि आखिर ये पैसा किसका है? हमने सुना है कि ये पैसा विनोद अडानी का है, जो कि गौतम अडानी के बड़े भाई हैं? आखिर केंद्र सरकार इस मामले में एक्शन क्यों नहीं ले रही है? ये देश की सुरक्षा से जुड़ा सवाल है अब क्यों जांच एजेसिंया चुप है?
'भारत की इमेज खराब हो रही है...'
राहुल गांधी ने कहा कि देश में जी 20 की बैठक होने वाली है और इस तरह की रिपोर्ट आने से भारत की इमेज खराब हो रही है, सरकार को इस मामले की गंभीरता को समझना होगा और जांच करनी होगी।
हिंडनबर्ग रिपोर्ट में भी आया था विनोज अडानी का नाम
आपको बता दें कि हिंडनबर्ग रिपोर्ट के खुलासे के बाद भी विपक्ष ने ऐसे ही अडानी ग्रुप को पर निशाना साधा था, जिसके बाद अडानी ग्रुप ने ये कहकर सबको चौंका दिया था कि विनोद अडानी , जो कि गौतम अडावी के बड़े भाई हैं, Adani Group की लिस्टेड कंपनियों के प्रमोटर्स ग्रुप का पार्ट हैं।
कंपनी ने दी थी अडानी के बारे में सफाई
लेकिन विनोद अडानी कंपनी की किसी काम में दिलचस्पी लेते हैं और इसी वजह से उनका अडानी की लिस्टेड कंपनियों से कोई लेना-देना नहीं है। आपको बता दें कि कंपनी की ओर से पहली बार ये जानकारी मार्च में लोगों के सामने सार्वजनिक की गई थी।
क्या था हिंडनबर्ग रिपोर्ट में?
हिंडनबर्ग रिपोर्ट मे कहा गया था कि गौतम अडानी के फर्जीवाड़ा में गौतम अडानी का ही हाथ है, उन्होंने ही मॉरीशस की 38 शेल कंपनियों की ओर से अडानी की कंपनी में पैसा लगाया है, इसी वजह से उनकी पहचान को गुप्त रखा गया। हालांकि अडानी ग्रुप ने सिरे से इन आरोपों को गलत और बेबुनियाद बताया था।
क्या कहा है OCCRP ने?
ऑर्गेनाइज्ड क्राइम एंड करप्शन रिपोर्टिंग प्रोजेक्ट यानि OCCRP ने आरोप लगाया है कि अडानी ग्रुप के शेयर में मारीशस से कई मिलियन डॉलर का गलत ढंग से निवेश किया गया है इसकी जानकारी उन्हें कंपनी के ही एक मेल से मिली है। विदेशी कंपनियों की ओर से साल 2013-2018 के बीच में अडानी ग्रुप के शेयरों को गलत तरीके से खरीदा और बेचा गया, उसने अपनी रिपोर्ट में नसीर अली शाबान अहली और चांग जुंग लिंग का नाम भी लिया है, जो कि अडानी ग्रुप के पुराने बिजनेस पार्टनर हैं।












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