NV Ramana farewell: CJI रमन्ना की तारीफ करते हुए रो पड़े वरिष्ठ वकील दवे, देखें इमोशनल Video
नई दिल्ली, 26 अगस्त। आज सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश एनवी रमन्ना अपने पद से रिटायर हो रहे हैं। आज देश की सर्वोच्च अदालत की वेबसाइट पर सेरेमोनियल बेंच की लाइव स्ट्रीमिंग भी हो रही है, जो कि कोर्ट के इतिहास में पहली बार हुआ है। मालूम हो कि अब रमन्ना की जगह सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश यूयू ललित होंगे। ललित के नाम की सिफारिश खुद रमन्ना ने ही की थी।
Recommended Video

रमन्नाकी विदाई से हर कोई काफी भावुक है
एनवी रमन्ना की विदाई से हर कोई काफी भावुक है, उनकी तारीफ करते हुए अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने कहा कि 'रमन्ना एक न्यायप्रिय, सच्चे, काबिल और बुद्धिजीवी न्यायाधीश रहे हैं।' तो वहीं दूसरी ओर सीनियर एडवोकेट दुष्यंत दवे खुद पर कंट्रोल नहीं रख पाए और कोर्ट रूम में ही इमोशनल हो गए।

CJI रमन्ना की तारीफ करते हुए रो पड़े वरिष्ठ वकील दवे
वरिष्ठ वकील और सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (एससीबीए) के पूर्व अध्यक्ष दुष्यंत दवे, जो जज को विदाई देने के लिए कोर्ट में मौजूद थे, वो अपनी भावनाओं पर काबू नहीं कर पाए और रो पड़े। उन्होंने कहा कि 'रमन्ना आप जनता के जज रहे हैं। मैं आज अपनी भावनाओं को रोक नहीं सकता। हम आपको याद करेंगे। बहुत-बहुत धन्यवाद।'

'आपने सभी के अधिकारों को बरकरार रखा'
छलकती आंखों और भरे हुए गले से दवे ने कहा कि 'आपने सभी के अधिकारों को बरकरार रखा है। आपने संविधान को बरकरार रखा है। आपका प्रभुत्व हमारी अपेक्षाओं से अधिक था। आपने वह किया जो वास्तव में यह कोर्ट उम्मीद कर रहा था। आपने न्यायपालिका, कार्यपालिका और विधायिका के बीच एक बैलेंस बनाकर रखा। आपने बड़े ही धैर्य और मधुर मुस्कान के साथ संस्थानों, वकीलों, व्यक्तिगत रूप से पार्टियों के साथ अत्यंत शिष्टाचार के साथ काम किया है। आपको हमेशा नागरिकों के जज के तौर पर याद किया जाएगा। मालूम हो कि एनवी रमन्ना के कार्यकाल में SC में 11 जजों की नियुक्ति हुई जिनमें महिला जज बीवी नागरत्ना का नाम भी शामिल है।

किसान पुत्र हैं एनवी रमन्ना
आपको बता दें कि मूल रूप से एक किसान परिवार से आने वाले जस्टिस रमन्ना को कानून की दुनिया में एक लंबा वक्त व्यतीत किया है। 27 अगस्त, 1957 को आंध्र प्रदेश के कृष्णा जिले के पोन्नावरम गांव के एक किसान के घर में पैदा हुए रमन्ना का शुरुआती जीवन काफी संघर्षों से गुजरा है। उन्होंने बैचलर ऑफ साइंस और बैचलर ऑफ लॉ की पढ़ाई की थी। जज बनने से पहले वो आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट, सेंट्रल और आंध्र प्रदेश एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल के साथ-साथ सुप्रीम कोर्ट में भी प्रैक्टिस कर चुके थे।
साल 2014 में वो सुप्रीम कोर्ट के जज बने थे
वो आंध्र प्रदेश में एडिश्नल एडवोटकेट जनरल भी रह चुके हैं। वो 2000 में आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट के जज रहे थे , साल 2014 में वो सुप्रीम कोर्ट के जज बने थे। इसके बाद वो देश के सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के पद पर आसीन हुए और मार्च 2021 में CJI बने थे।












Click it and Unblock the Notifications