अमित शाह ने साधा सोनिया गांधी पर निशाना, कहा- NRC तो राजीव गांधी लेकर आए थे, आज गलत कैसे हो गया?
नई दिल्ली। गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली के द्वारका में एक कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस पार्टी और सोनिया गांधी पर जमकर हमला बोला, होम मिनिस्टर अमित शाह ने कहा कि एनआरसी राजीव गांधी लेकर आए थे तब वह सेक्युलर था लेकिन अब सोनिया गांधी उसका विरोध कर रही हैं, उन्होंने आरोप लगाया कि नागरिकता संशोधन कानून पर विपक्ष दुष्प्रचार और लोगों को गुमराह कर रहा है।

अमित शाह बोले- राजीव गांधी लेकर आए थे एनआरसी
अमित शाह ने साफ लफ्जों में कहा कि आपको जो राजनीतिक विरोध करना है कीजिए, भाजपा की मोदी सरकार सभी शरणार्थियों को नागरिकता देगी, वह भारत के नागरिक बनेंगे और सम्मान के साथ रहेंगे, विरोध करने वाले पहले पाकिस्तान से आए हुए कई दलित भाई-बहन दिल्ली और हरियाणा के बॉर्डर पर रहते हैं, जो बिल का विरोध कर रहे हैं, वह जाकर उनकी सुध लें। 30-40 सालों से दूसरी-तीसरी पीढ़ी आने को हुई, लेकिन उन्हें नागरिकता नहीं मिली।

मोदी सरकार किसी के खिलाफ अन्याय नहीं करती है: अमित शाह
शाह ने कहा कि मैं फिर से कहना चाहता हूं कि इसमें नागरिकता लेने नहीं बल्कि देने का प्रावधान है। मैं सभी लोगों को कहना चाहता हूं कि इस कानून का अध्ययन करिए, जो आपके पास सूचना है वो गलत है, उसमें कुछ ऐसा है कि किसी के खिलाफ कानून अन्याय करता है तो हमें बताइए...मोदी सरकार किसी के खिलाफ अन्याय नहीं करती है।

सोनिया गांधी ने की राष्ट्रपति से मुलाकात
गौरतलब है कि मंगलवार को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के नेतृत्व में विपक्षी नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति से मिलकर उन्हें नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ ज्ञापन दिया है। राष्ट्रपति से मिलने के बाद सोनिया गांधी ने कहा, पूर्वोत्तर की जो स्थिति बनी हुई है वो अब पूरे देश में दिख रहा है। राजधानी दिल्ली में भी हालात ठीक नहीं है। बहुत ही गंभीर स्थिति है, हमें डर है कि यह और बढ़ सकता है। जिस तरह का बर्ताव पुलिस ने प्रदर्शन करने वाले लोगों के साथ किया है, वो भी ठीक नहीं है।
सरकार सबका मुंह बंद कर देना चाहती है: सोनिया गांधी
जामिया में पुलिस ने बच्चों को हॉस्टलों से खींचकर मारा है, ऐसा लगता है कि सरकार सबका मुंह बंद कर देना चाहती है। कांग्रेस के गुलाम नबी आजाद ने कहा, इस कानून ने देश को जलाने का काम किया है। देश का कोई हिस्सा ऐसा नहीं है जहां प्रदर्शन ना हो रहे हों लेकिन सरकार को इसकी फिक्र नहीं है। हमने राष्ट्रपति का ध्यान इस ओर दिलाया है। कांग्रेस के अलावा, राजद, टीएमसी, डीएमके, लेफ्ट, सपा और दूसरे विपक्षी दलों के नेता इस प्रतिनिधिमंडल में शामिल रहे।












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