कलाम साहब के लिए नहीं था डाक्टर या एंबुलेंस
नई दिल्ली (विवेक शुक्ला)। जिस वक्त पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कमाल साहब की तबीयत बिगड़ी तब सभास्थल पर ना तो डाक्टर था, ना ही एंबुलेंस। हालांकि नियम के तहत मेघालय सरकार को इस बाबत व्यवस्था करनी चाहिए थी। पिछली 27 जुलाई को मेघालय की राजधानी शिलांग में एक कार्यक्रम में भाग लेते वक्त कलाम साहब की अचानक से तबीयत बिगड़ी थी। उसके बाद उनकी मृत्यु हो गई थी।

रिपोर्ट तलब
विश्वसनीय सूत्रों ने बताया कि केन्द्र सरकार को उक्त जानकारी मिली है। इसके बाद सरकार ने मेघालय सरकार से रिपोर्ट तलब की है। सरकार नाराज है कि मेघालय सरकार कलाम साहब के सभास्थल पर डाक्टर तथा एंबुलेंस की व्यवस्था करने में किसलिए नाकाम रही।
पसरा सन्नाटा
इस बीच, कलाम साहब के राजधानी के 10 राजाजी मार्ग स्थित सरकार आवास पर अब सन्नाटा पसरा रहता है। अब यहां पर पहले की तरह से शिक्षकों, छात्रों, विद्वानों की भीड़ नहीं रहती जो उनसे मिलने के लिए आती थी।
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जानकारों का मालूम है कि वे जब तक इधर रहे तब तक इधर कालेज, विश्वविद्लायों, शोध संस्थानों से जुड़े लोग आते रहते थे। कलाम साहब के घर दरवाजे सबके लिए खुले रहते थे। वे सबका बड़ी ही गर्मजोशी के साथ स्वागत करते थे।
खाली होगा बंगला
अब माना जा रहा है कि ये बंगला जल्दी ही खाली हो जाएगा। फिर यहां पर कोई रहने के लिए आएगा।एपेजी अब्दुल कलाम साहब राष्ट्रपति भवन से रिटायर होने के बाद इसी बंगले में रहने लगे थे।












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