राम मंदिर निर्माण में देरी से नाराज संत, महंत ने दी खुद को आग के हवाले करने की धमकी
नई दिल्ली। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर लगातार सियासी पारा चढ़ता जा रहा है। इस मामले की सुप्रीम कोर्ट ने जबसे तारीख को टाला है उसके बाद एक-एक करके सियासी बयानबाजी जारी है। इसमे सबसे आगे भारतीय जनता पार्टी के नेता, मंत्री, आरएसएस के नेता शामिल हैं। राम मंदिर निर्माण में हो रही देरी से संत समाज भी काफी नाराज है, उसने साफ कहा है कि राम मंदिर निर्माण में देरी सही नहीं है। संत समाज ने केद्र सरकार से अपील की है कि वह राम मंदिर निर्माण के लिए कानून लेकर आए।

राम मंदिर निर्माण का क्या?
हालांकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद कहा है कि जल्द ही यहां निर्माण कार्य शुरू होगा। यही नहीं उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या ने भी इसी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि अयोध्या में भव्य राम मंदिर बनेगा। लेकिन इन सब के बावजूद संत समाज इस बात को लेकर नाराज है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राम मंदिर निर्माण को लेकर किसी तरह का ठोस आश्वासन नहीं दिया है। रामजन्मभूमि के मुख्य पुजारी महंत सत्येंद्र दास ने कहा कि हम मुख्यमंत्री के इस फैसले का स्वागत करते हैं कि उन्होंने फैजाबाद का नाम बदलकर अयोध्या कर दिया। लेकिन हमें इस बात की अपेक्षा थी कि संसद में कानून बनाकर राम मंदिर निर्माण का ऐलान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को तत्काल राम मंदिर निर्माण के लिए कानून पास करना चाहिए, ताकि अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण हो सके।

भाषण में नहीं है जिक्र
वहीं महंत परमहंस ने कहा कि फैजाबाद का नाम बदलकर अयोध्या कर दिया गया, लेकिन अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण के वायदे का क्या हुआ, जिस वायदे के साथ भाजपा सत्ता में आई थी। मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में इसका जिक्र तक नहीं किया। अगर राम मंदिर निर्माण की तारीख का 6 दिसंबर तक ऐलान नहीं किया जाता है तो मैं खुद को आग के हवाले करके अपनी जान दे दूंगा। वहीं अखिल भारतीय संत समिति के महंत गौरी शंकर दास ने कहा कि ये अच्छा है कि अयोध्या में मेडिकलक कॉलेज और एयरपोर्ट बनेगा, लेकि राम मंदिर निर्माण का क्या? हम चाहते हैं कि भाजपा कानून बनाकर राम मंदिर निर्माण का रास्ता साफ करे।

अमित शाह से करेंगे मुलाकात
सूत्रों की मानें तो 16 दिसंबर को तमाम संत भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात कर सकते हैं। इस मुलाकात में तमाम संत संसद में राम मंदिर निर्माण को लेकर कानून बनाने की भी मांग करेंगे। आपको बता दें कि अयोध्या में अपने भाषण के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि वह अयोध्या में भगवान राम के नाम से मेडिकल कॉलेज और एयरपोर्ट का निर्माण कराएंगे। इस दौरान भीड़ में लगातार लोग यह कह रहे थे कि मंदिर का निर्माण कराओ। इसपर उन्होंने कहा कि अयोध्या में किसी के साथ अन्याय नहीं होगा और शहर का संपूर्ण विकास किया जाएगा।
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