महाभारत के कृष्ण को याद आया पुराना दौर, कहा-बिजली जाने पर लोग ट्रांसफार्मर में लगा देते थे आग’
नई दिल्ली। लोकप्रिय टीवी सीरियल महाभारत में भगवान श्रीकृष्ण की भूमिका निभाने वाले नितीश भारद्वाज आजकल सुर्खियों में हैं। वह सोशल मीडिया पर पर अपनी सक्रियता और हाजिर जवाबी की वजह से मीडिया की सुर्खियों में है। जिस तरह से शक्तिमान सीरियल के एक्टर मुकेश खन्ना ने फिल्म अभिनेत्री सोनाक्षी सिन्हा पर तंज कसा था, उसपर नीतीश भारद्वाज ने मुकेश खन्ना को सलाह दी थी, जिसकी वजह से सोशल मीडिया पर उनकी काफी चर्चा हो रही है। तकरीबन तीन दशक पहले टीवी पर आने वाले महाभारत सीरियल को लॉकडाउन के दौरान फिर से डीडी नेशनल पर प्रसारित किया जा रहा है। इसपर नीतीश भारद्वाज ने कहा कि हमारी युवा पीढ़ियों के लिए इसमे काफी कुछ सीखने के लिए है।

कलर टीवी पर देखने के लिए देने पड़ते थे पैसे
महाभारत का प्रसारण 1988 में टीवी पर शुरू हुआ था, उस समय को याद करते हुए नीतीश ने कहा कि उस वक्त एक आईएएस अधिकारी ने मुझे बताया था कि एक व्यक्ति है जिसके पास मराठवाड़ा में दो टीवी हैं। उस वक्त ब्लैक एंड व्हाइट टीवी पर मुफ्त में प्रसारण को देखा जा सकता था, जबकि कलर टीवी पर कार्यक्रम को देखने के लिए पांच पैसे देना पड़ता था। उन्होंने हर एपिसोड के लिए पांच पैसे दिए थे। 80 के दशक में टीवी की लोकप्रियता के बारे में नीतीश ने कहा कि अगर उस वक्त बिहार में बिजली कट जाती थी, या यूपी में सुबह 9-10 के बीच बिजली चली जाए तो लोग ट्रांसफार्मर में आग लगा देते थे। बिजली विभाग सुनिश्चित करता था कि महाभारत के प्रसारण के समय बिजली ना जाए, नहीं तो उन्हें लोगों के गुस्से का शिकार होना पड़ता था।

लोगों की भीड़ लग जाती थी
नीतीश ने बताया मुंबई का हाल अलग नहीं था। हमारी पूरी बिल्डिंग में सिर्फ दो टीवी थे। हमारे लिविंग रूम में लोगों की भीड़ होती थी, लोग कहीं पर भी बैठ जाते थे, दरवाजे पर, गलियारे में ताकि वह रामायण और महाभारत को टीवी पर देख सके। उस वक्त इन दोनों सीरियल लोगों को करीब ले आए थे, परिवारों में जुड़ाव बढ़ गया था, पड़ोसियों और समाज में इन सीरियल की वजह से करीबी आ गई थी।

लोग मेरा पैर छूकर सम्मान देते हैं
मौजूदा समय के अपने अनुभव के बारे में नीतीश बताते हैं कि आज भी कई लोग उन्हें भगवान कृष्ण ही समझते हैं और मेरे पैर छूकर सम्मान देते हैं। देश में लोगों में काफी भरोसा है। अगर राम लीला में भगवान का किरदार निभाने वालों का लोग पैर छू सकते हैं, तो हमारे लिए यह कोई अचंभा नहीं था। मेरे चेहरा भगवान कृष्ण के तौर पर लोगों के बीच लोकप्रिय हुआ। मुझे यह अच्छे से पता है कि लोग मुझे यह सम्मान मेरे किरदार की वजह से देते हैं और यह सम्मान भगवान कृष्ण के लिए है, ना कि मेरे व्यक्तिगत पहचान के लिए।

सोनाक्षी का किया था बचाव
हाल ही में मुकेश खन्ना ने सोनाक्षी सिन्हा पर तंज कसते हुए कहा था कि 'सोनाक्षी सिन्हा जैसे लोगों को 'रामायण' और 'महाभारत' देखनी चाहिए, जिन्हें हमारी पौराणिक कथाओं के बारे में कुछ नहीं पता है। उनके जैसे लोगों को यह भी नहीं पता कि भगवान हनुमान किसके लिए संजीवनी लेकर आए थे।' जिसपर जवाब देते हुए नीतीश ने कहा कि 'मैं अपने दोस्त मुकेश खन्ना से कहना चाहता हूं कि हो सकता है कि पूरी नई पीढ़ी को ही भारतीय संस्कृति, विरासत और उसके साहित्य के बारे में मालूम न हो। इसमें उनकी कोई गलती नहीं है। 1992 के बाद भारत के आर्थिक परिवेश में बहुत बड़ा बदलाव हुआ और फिर उसके बाद सभी के बीच अपने करियर में आगे बढ़ने, खुद को आर्थिक रूप से समृद्ध बनाने की दौड़ शुरू हो गई। अगर हमें किसी की गलती निकालनी है, जोकि मुझे नहीं लगता वाजिब है, तो फिर पिछली पीढ़ी के माता-पिताओं की गलती निकालिए जो अपने बच्चों को हमारी संस्कृति और विरासत से वाकिफ कराने में विफल रहे।'












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