• search
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

निर्भया केस: दोषी विनय के दावे से आया नया मोड़, कहा- नहीं दी कभी दया याचिका

|
    Nirbhaya Case: दोषी Vinay Sharma ने फांसी से बचने के लिए अब अपनाया ये नया पैंतरा | वनइंडिया हिंदी

    नई दिल्ली। दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने निर्भया केस के चारों दोषियों के खिलाफ दोबारा डेथ वारंट जारी किया है। डेथ वारेंट के मुताबिक, निर्भया के चार दोषियों मुकेश सिंह, अक्षय कुमार सिंह, पवन कुमार गुप्ता और विनय शर्मा को 1 फरवरी, सुबह 6 बजे तिहाड़ जेल में फांसी पर लटकाना है। दोषी मुकेश की दया याचिका राष्ट्रपति ने खारिज कर दी थी। दूसरी तरफ, तिहाड़ जेल में चारों को फांसी देने की तैयारियों के बीच दोषी विनय के वकील ने बड़ा दावा किया है।

    वकील का दावा- दोषी विनय ने दायर नहीं की दया याचिका

    वकील का दावा- दोषी विनय ने दायर नहीं की दया याचिका

    दोषी विनय के वकील ने दावा किया है कि उसने (विनय) ने कभी दया याचिका दायर ही नहीं की। आउटलुक की खबर के मुताबिक, तिहाड़ जेल प्रशासन के प्रवक्ता ने इस दावे पर कहा कि पिछले साल 8 नवंबर को दया याचिका दायर की गई थी और इसे दिल्ली सरकार के गृह विभाग को भेजा गया था। मौत की सजा पाए चारों दोषियों में से मुकेश की दया याचिका राष्ट्रपति द्वारा खारिज की जा चुकी है जबकि दोषी पवन और अक्षय को राष्ट्रपति से गुहार लगाना बाकी है।

    ये भी पढ़ें: निर्भया केस के नाबालिग दोषी को रिहा किए जाने पर भड़कीं कंगना, बोलीं- जो रेप जैसी हैवानियत करता है वो...

    तिहाड़ ने कहा- 8 नवंबर को दायर की थी याचिका

    तिहाड़ ने कहा- 8 नवंबर को दायर की थी याचिका

    तिहाड़ जेल के एडिशनल आईजी राज कुमार ने बताया कि विनय ने 8 नवंबर को अपने अंगूठे के निशान और हस्ताक्षर के साथ दया याचिका दी थी। विनय के वकील एपी सिंह का आरोप है कि तिहाड़ जेल के अधिकारियों ने मुवक्किल के कानूनी विकल्पों को समाप्त करने के लिए ऐसी साजिश रची ताकि उसे जल्दी फांसी दी जा सके। वकील ने दोषी विनय के अंगूठे के निशान और हस्ताक्षर वाला एक पत्र जारी किया और कहा कि उन्होंने 6 दिसंबर 2019 तक कोई दया याचिका दायर नहीं की थी।

    विनय ने कहा- दया याचिका वाली खबरें गलत

    विनय ने कहा- दया याचिका वाली खबरें गलत

    इस पत्र में विनय ने लिखा कि मीडिया में चल रही खबरों से मालूम हुआ है कि मैंने दया याचिका दी है, जो कि पूरी तरह गलत है, ये गैरकानूनी है। विनय के वकील ने आरोप लगाया कि दिल्ली सरकार की मिलीभगत से तिहाड़ जेल अधिकारियों द्वारा ऐसी साजिश रची गई। वकील ने कहा कि जब क्यूरेटिव पिटीशन का विकल्प मौजूद रहेगा तो दया याचिका वाला विकल्प क्यों अपनाएगा। वकील ने इस मामले में जांच की मांग की। खबर के मुताबिक, इन दोषियों की याचिका को दिल्ली के एलजी ने खारिज कर दिया है और ये याचिका राष्ट्रपति के पास लंबित है।

    एडिशनल आईजी बोले- राष्ट्रपति के पास लंबित है याचिका

    एडिशनल आईजी बोले- राष्ट्रपति के पास लंबित है याचिका

    वहीं, विनय के वकील के इन दावों पर तिहाड़ जेल के एडिशनल आईजी राज कुमार ने कहा कि वे इसपर कोई टिप्पणी नहीं कर सकते हैं, राष्ट्रपति को फैसला करना है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति के पास लंबित याचिका दोषी विनय की है। बता दें कि चारों में एक दोषी पवन कुमार गुप्ता की स्पेशल लीव पिटिशन को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया था, जिसमें दोषी की तरफ से दावा किया गया था कि वारदात के वक्त वह नाबालिग था।

    चारों दोषियों को अदालत ने सुनाई है मौत की सजा

    चारों दोषियों को अदालत ने सुनाई है मौत की सजा

    सात साल पहले, साल 2012 में दिल्ली में 6 दरिंदों ने चलती बस में पैरामेडिकल की छात्रा निर्भया से गैंगरेप किया था। वे दरिंदगी की वो सारी हदें पार गए, जिसे देखकर कोई भी दहशत में आ जाए। वारदात के वक्त पीड़िता का दोस्त भी बस में था। दोषियों ने लोहे की रॉड से पीड़िता पर वार किया था। इसके बाद युवती और दोस्त को चलती बस से बाहर फेंक दिया था। बुरी तरह जख्मी पीड़िता ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था।

    देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
    English summary
    Nirbhaya case convict vinay sharma claims he never filed mercy petition, tihar jail responded
    For Daily Alerts
    तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
    Enable
    x
    Notification Settings X
    Time Settings
    Done
    Clear Notification X
    Do you want to clear all the notifications from your inbox?
    Settings X
    X
    We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more
    X