पाकिस्तान डिप्लोमेट के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस की मांग करेगी NIA, 2014 में की थी भारत में अटैक की साजिश
नई दिल्ली। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने 2014 के आतंकवादी मामले में पाकिस्तानी राजनयिक के खिलाफ इंटरपोल रेड कॉर्नर नोटिस हासिल करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। एनआईए ने यह निर्णय कोलंबो स्थित पाकिस्तानी उच्चायोग के पूर्व वीजा काउंसलर अमीर जुबैर सिद्दकी के खिलाफ भारत के महत्वपूर्ण ठिकानों पर हमले की साजिश रचने और पाकिस्तान में छपी नकली भारतीय मुद्रा का प्रसार करने के लिए चार्जशीट दायर करने के बाद लिया है।

एनआईए के अधिरकारियों ने पीटीआई से बात करते हुए कहा कि सिद्दकी के खिलाफ इंटरपोल रेड कॉर्नर की सारी औपचारिकताएं खत्म हो रही है और जल्द ही फ्रांस के लियोन में स्थित इंटरपोल के हेडक्वार्टर में इस मामले से जुड़े सारे पेपर भेज दिए जाएंगे। कोलंबो में पाकिस्तानी वीजा काउंसलर जुबैर ने भारत में आतंकी हमले की साजिश रची थी। जिसके बाद भारत ने श्रीलंका पर उसे अपने देश ने बाहर ने निकालने के लिए दबाव डाला था।
एनआईए की टीम ने संदिग्ध आईएसआईएस एजेंट जाकिर हुसैन को इस मामले में गिरफ्तार किया था, जिसके सिद्दकी की कथित भूमिका लेकर उसने खुलासा किया था। हुसैन के मुताबिक, उनके प्लान के अनुसार दक्षिण भारत के कई ठिकानों पर निशाना बनाने के अलावा अमेरिका और इजराइली दूतावास पर अटैक करने की साजिश रची गई थी।
एनआईए के मुताबिक, हुसैन ने चेन्नई में अमेरिका और बेंगलुरु में इजराइल कांसुलेट पर 26/11 जैसा हमला करने की योजना बनाई थी। आतंकी हमले की साजिश रचने के बाद हुसैन ने मालदीव के लिए फ्लाइट पकड़ ली थी। जांच एजेंसी एनआईए ने हुसैन को गिरफ्तार करने से पहले हसैन के खिलाफ सबूत अमेरिका को थमाए थे, जिसमें हुसैन और 'शाहजी' के बीच श्रीलंका मिशन पर बात हो रही थी।
हुसैन ने श्रीलंका में अपने पाकिस्तानी अधिकारियों के साथ हुई बातचीत की डिटेल बताई, जिसमें दो फिदायीन हमले की साजिश भी शामिल थी। चेन्नई में अमेरिका वाणिज्य दुतावास को आतंकी निशाना बनाने के लिए 'Wedding Hall' और 'Cooks' कोड नाम रखा गया था। वाणिज्य दूतावास में बम डिवाइस रखने के लिए कोड नाम 'Spice' रखा गया था।












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