अवैध रेत खनन मामले की जांच के लिए NGT ने कमेटी का किया गठन
ओडिशा के क्योंझर जिले में घासीपुरा तहसील के अंतर्गत आने वाले देवगांव में कुसी नदी से रेत के अवैध खनन के मामले की जांच के लिए नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने जांच के आदेश दिए हैं। इसके लिए तीन सदस्यीय टीम का गठन किया गया है।
देवगांव के रहने वाले तापस कुमार ने आरोप लगाया था कि बालू खनन का जो लाइसेंस यहां दिया गया है, पट्टाधारक उससे कहीं अधिक क्षेत्र से रेत को निकाल रहे हैं। इसको लेकर उन्होंने एक याचिका भी दायर की है। उनकी याचिका पर आरोपों की जांच के लिए एनजीटी ने पैनल का गठन किया है।

आरोप है कि यह लीज पट्टाधारक को सूखे क्षेत्र से निकालने के लिए दी गई है लेकिन पट्टाधारक यहां मशीन के माध्यम से रेत को निकाल रहे हैं जोकि नियमों के अनुसार गलत है और पूरी तरह से प्रतिबंधित है।
इसके बात कोलकाता स्थित एनजीटी बेंच के जस्टिस बी अमित स्टालेकर और डॉक्टर अरुण कुमार वर्मा की बेंच ने कहा कि आरोपों को ध्यान में रखते हुए हम मामले की सत्यता की जांच के लिए एक समिति के गठन को उचित समझते हैं। बेंच ने 19 जनवरी के अपने आदेश में कहा कि यह कमेटी घटनास्थल की जांच करेगी और अपनी रिपोर्ट को चार हफ्तों के भीतर जमा करेगी।
एनजीटी ने जिस कमेटी का गठन किया है उसमे ओडिशा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के वरिष्ठ वैज्ञानिक, राज्य पर्यावरण प्रभाव आकलन प्राधिकरण के एक एक वरिष्ठ वैज्ञानिक और क्योंझर जिले के डीएम या उनके प्रतिनिधि जोकि अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट के पद से नीचे नहीं हों को शामिल किया गया है।












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