एंटीलिया कार केस में रोजाना आ रहे नए ट्विस्ट, अब हिरेन की जगह गाड़ी का मालिक निकला दूसरा शख्स
मुंबई: पिछले महीने 25 तारीख को देश के जाने-माने उद्योगपति मुकेश अंबानी के मुंबई स्थित घर 'एंटीलिया' के पास एक संदिग्ध स्कॉर्पियो मिली थी। जिसमें विस्फोटक पदार्थ भी बरामद हुए। मामले की गंभीरता को देखते हुए शुरू में महाराष्ट्र एटीएस ने जांच का जिम्मा संभाल लिया था। इसके बाद इसमें NIA भी शामिल हो गई। शुरू की जांच में पता चला कि स्कॉर्पियो मनसुख हिरेन नाम के शख्स की है, लेकिन घटना के एक हफ्ते बाद नया मोड़ तब आया, जब मालिक का शव ठाणे से बरामद हुआ। इसके बाद से ही इस केस में रोजाना नए-नए ट्विस्ट आ रहे हैं।

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ताजा जानकारी के मुताबिक जांच में इस बात की पुष्टि हुई है कि स्कॉर्पियो हिरेन की नहीं थी, बल्कि उसका मालिक सैम पीटर न्यूटन है। सैम ने 2007 में ठाणे में उस कार का रजिस्ट्रेशन करवाया था। वहीं मौत से पहले पुलिस ने हिरेन से पूछताछ की थी, जिसमें उसने बताया कि वो गाड़ियों को डेकोरेट करने का काम करता था। इस वजह से सैम ने उससे अपनी गाड़ी ठीक करवाई। जिसका बिल 2.80 लाख बना। इसके बाद उसने दो चेक से भुगतान किया और गाड़ी लेकर चला गया। बाद में वो दोनों चेक बाउंस हो गए।
चेक बाउंस के बाद हिरेन पैसे के लिए सैम के पीछे घूमता रहा। साथ ही नोपदा पुलिस स्टेशन में शिकायत भी कर दी। तब सैम ने वादा किया कि वो 15 दिनों में पूरा भुगतान कर देगा। इसके अलावा अपनी गाड़ी हिरेन के पास छोड़ दी। वहीं हिरेन की पत्नी विमला ने अपने बयान में कहा है कि हिरेन ने सहायक पुलिस इंस्पेक्टर सचिन वजे को वाहन सौंपा था, जिन्होंने नवंबर 2020 से 5 फरवरी यानी चार महीने तक उसे इस्तेमाल किया।
अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक सैम इस मामले में टिप्पणी करने से इनकार कर रहे। वहीं वेज ने भी उस वाहन को अपने पास रखने की खबर को खारिज कर दिया। हिरेन की पत्नी के मुताबिक 5 फरवरी को वेज ने जब वाहन वापस किया तो उनके पति के पास वो 12 दिन रहा। 17 फरवरी को मुंबई जाते वक्त विक्रोली के पास ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे के किनारे हिरेन ने वाहन छोड़ दिया। इसके बाद उन्होंने ओला कैब बुलाकर आगे की यात्रा की। अब पुलिस इस बात की जांच कर रही कि विक्रोली के आगे गाड़ी कौन लेकर गया था।












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