एससी/एसटी एक्ट के खिलाफ दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट की नई बेंच करेगी सुनवाई
नई दिल्ली। अनुसूचित जाति/ जनजाति एक्ट के खिलाफ दायर याचिका को लेकर एक नई बेंच सुनवाई करेगी। बता दें कि गुरुवार को इस पर सुनवाई को टाल दिया गया था। साथ ही कोर्ट ने इस एक्ट में सरकार की ओर से किए गए संशोधन पर रोक लगाने से इंकार कर दिया था। मामले के लिए अब नई बेंच का गठन किया जाना है। जो कि एक्ट को लेकर कोर्ट के फैसले के खिलाफ दायर याचिका और सरकार की तरफ से इस कानून में बदलाव को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करेगी। सरकार की ओर से एक्ट में किए गए बदलाव के खिलाफ दायर पुरानी याचिका और सुप्रीम कोर्ट के पुराने फैसले के खिलाफ दायर पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई के लिए जजों की नई बेंच का गठन इसलिए होना है क्योंकि वर्तमान बेंच के जज जस्टिस सीकरी मार्च में रिटायर हो रहे हैं।

बतातें चले कि एक्ट के खिलाफ याचिका में कहा गया है कि इससे जुड़े मामलों में तुरंत गिरफ्तारी के प्रावधान पर रोक लगाई जाए। ये याचिका करने वालों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट ने उनकी बात सुनकर तुरंत गिरफ्तारी के प्रावधान को हटा दिया था लेकिन केंद्र सरकार ने इसे रद्द करके फिर से कानून में जोड़ दिया।
गौरतलब है कि एससी-एसटी एक्ट का ये मामला तब चर्चा में आया जब 26 जनवरी साल 2016 को इसे संशोधन कर पीड़ित और आरोपी समेत सभी पक्षों को अपील करने का मौका दिया गया था। इसके लिए एक्ट की धारा 14 A (3) की उपधारा 2 के तहत अपील करने का नियम बनाया गया। जिसके अनुसार कोई भी पक्ष आपराधिक मामले में निचली या एससी एसटी के मुकदमों के लिए गठित स्पेशल कोर्ट के किसी भी फैसले के खिलाफ सिर्फ 90 दिनों के अंदर ही अपील कर सकता है और 90 दिनों में अपील न कर पाने पर अगले 90 दिनों में वजह के ठोस आधार और माफी के साथ हाईकोर्ट में अपील की जा सकती थी।
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