नेताजी की बेटी अनिता बोस ने की सरकार से मांग, नेताजी के अस्थियां लाई जाएं हिंदुस्तान
नई दिल्ली, सितंबर 08। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कर्तव्यपथ पर इंडिया गेट के पास नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा का अनावरण किया है। इस मौके पर नेताजी की बेटी अनिता बोस ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा है कि वो आज अपने पिता को मिले इस सम्मान से काफी खुश हैं, लेकिन मैं यह चाहती हूं कि नेताजी की अस्थियां हिंदुस्तान वापस लाई जाएं, क्योंकि नेताजी ने आजाद हिंदुस्तान में कदम नहीं रखा था।

आजाद भारत में लाए जाएं नेताजी
न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए अनिता बोस ने कहा, "नेताजी आजाद भारत में पैर नहीं रख पाए थे, लेकिन मैं चाहती हूं कि कम से कम उनकी अस्थियां भारत लाई जाएं और उन्हें एक अंतिम विश्राम स्थल पर रखा जाए। दस्तावेज इस बात के सबूत हैं कि 18 अगस्त 1945 को वर्तमान ताइवान में विमान दुर्घटना में उनकी मृत्यु हो गई थी। मुझे उम्मीद है कि उनकी अस्थियां देश में वापस लाई जाएंगी।"
He could not set foot in free India. I wish at least his remains return to his motherland & find a final resting place... Documentation is proof that he died on Aug 18, 1945 in plane crash in present-day Taiwan. I hope his ashes are brought back to the country: Anita Bose Pfaff pic.twitter.com/yHtoR9lBn0
— ANI (@ANI) September 8, 2022
अनिता बोस ने आगे कहा है कि इस बात की मुझे खुशी है कि इतने दशकों के बाद भारतीयों ने उनका नाम और स्मृति को बरकरार रखा हुआ है। लोग उन्हें तब भी याद करते हैं जब स्वतंत्रता संग्राम में उनकी भूमिका वास्तव में आधिकारिक तौर पर इतनी मान्यता प्राप्त नहीं थी, लेकिन उन्होंने भारत के निर्माण में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उन्होंने आगे कहा कि पहले वो भी इस कार्यक्रम में शामिल होना चाहती थीं, लेकिन किसी कारणवश वो आ नहीं पाईं, लेकिन वह रेनकोजी मंदिर से अपने पिता की अस्थियां भारत लाने की शर्तों और प्रक्रियाओं पर चर्चा करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात करना चाहती हैं। उनका दावा है कि नेताजी की अस्थियां टोक्यो के रेनकोजी मंदिर में रखी हैं।












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