नेताजी की मौत को लेकर आरटीआई के जवाब से बढ़ा सियासी हंगामा, गृहमंत्रालय ने दी सफाई
पूरा विवाद उस समय सामने आया जब केंद्र सरकार ने एक आरटीआई का जवाब देते हुए कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मौत साल 1945 में ताइवान में हुए एक विमान हादसे में हुई थी।
नई दिल्ली। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मौत को लेकर गहराए रहस्य से पर्दा उठाने के आरटीआई दायर की गई। जिसका जवाब भी सरकार की ओर से दिया गया। केंद्र सरकार ने आरटीआई का जवाब देते हुए कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मौत साल 1945 में ताइवान में हुए एक विमान हादसे में हुई थी। हालांकि सरकार की ओर से सामने आए इस जवाब सियासी हंगामा बढ़ गया। आखिरकार गृहमंत्रालय को इस मामले में सफाई देनी पड़ी। गृह मंत्रालय की ओर से कहा गया कि अभी इस मामले की पड़ताल चल रही है। आरटीआई के जवाब में कुछ टाइपिंग की गलती थी।

गृहमंत्रालय ने दी सफाई
पूरा विवाद उस समय सामने आया जब केंद्र सरकार ने एक आरटीआई का जवाब देते हुए कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मौत साल 1945 में ताइवान में हुए एक विमान हादसे में हुई थी। इस मामले के सामने आते ही तृणमूल कांग्रेस समेत कई दलों की ओर से सवाल उठाया गया। इसके बाद गृहमंत्रालय ने इस मामले में कहा कि सरकार अभी पूरे मामले की जांच करा रही है। गृहमंत्रालय की ओर से ये भी कहा गया कि फिलहाल आरटीआई में जो भी बातें सामने आई हैं वो 2006 में यूपी सरकार के दौरान निष्कर्ष पर आधारित है। गृहमंत्रालय की ओर से ये जवाब तब आया जब तृणमूल कांग्रेस की मुखिया और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस मामले में सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि ये चौंकाने वाला है कि केंद्र सरकार बिना किसी सबूत के इस मामले में ऐसा फैसला लेती नजर आ रही है।
पूरे विवाद पर गृह मंत्रालय की ओर से कहा गया कि भ्रम की वजह से टाइपो एरर सामने आई है। गृहमंत्रालय की ओर से कहा गया कि आरटीआई में जिस बात का जिक्र किया गया वो नेताजी की मौत के मामले की जांच के लिये गठित शाहनवाज समिति, न्यायमूर्ति जीडी खोसला आयोग और न्यायमूर्ति मुखर्जी आयोग की जांच रिपोर्ट के आधार पर कहा गया था। इसमें बताया गया कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मौत 18 अगस्त 1945 को विमान हादसे में हुई थी। गृहमंत्रालय ने आगे कहा कि आरटीआई का जवाब साल 2006 में तत्कालीन यूपीए सरकार के फैसले पर आधारित था। फिलहाल पूरे मामले में आटीआई दायर करने वाले शख्स को नया जवाब भेजा जा रहा है। बता दें कि सायक सेन नाम के शख्स ने मार्च में एक आरटीआई दायर कर गृह मंत्रालय से पूछा था कि नेताजी की मौत कब हुई। इसके जवाब में मंत्रालय ने नेताजी की मौत 1945 के विमान हादसे में होना बताया था।












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