मणिपुर में हिंसा खत्म करने के लिए दखल दें प्रधानमंत्री, NESO ने की अपील
Manipur News: नॉर्थ ईस्ट स्टूडेंट्स यूनियन (NESO) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मणिपुर में जारी हिंसा को रोकने के लिए हस्तक्षेप करने की अपील की है। पूर्वोत्तर क्षेत्र के विभिन्न छात्र संगठनों का प्रतिनिधित्व करने वाले NESO ने चिंता व्यक्त की है कि यह संघर्ष न केवल मणिपुर की स्थिरता बल्कि पूरे क्षेत्र की शांति और सुरक्षा के लिए भी खतरा है।
तत्काल हस्तक्षेप का आह्वान
एनईएसओ के अध्यक्ष सैमुअल जिरवा ने स्थिति की गंभीरता की ओर ध्यान दिलाया। जिरवा ने कहा, 'एनईएसओ ने बार-बार भारत सरकार और माननीय प्रधानमंत्री से इस मामले में निर्णायक हस्तक्षेप करने की अपील की है।' उन्होंने प्रधानमंत्री पर इसको लेकर लंबे समय की चुप्पी का आरोप लगाया, जिन्होंने हिंसा शुरू होने के बाद से मणिपुर का दौरा नहीं किया है। उनके मुताबिक इससे संकट और भी बदतर हो गया है।

जिरवा ने इस बात पर जोर दिया कि NESO ने हमेशा शांतिपूर्ण समाधान की वकालत की है। उनका मानना है कि सभी के अधिकारों, आकांक्षाओं का सम्मान करने और उन्हें बनाए रखने के लिए रचनात्मक बातचीत आवश्यक है। उन्होंने कहा, 'मणिपुर के लोग शांति के हकदार हैं'। उन्होंने कहा कि यह केवल आपसी समझ और अहिंसा के प्रति प्रतिबद्धता के माध्यम से ही हासिल किया जा सकता है।
एनईएसओ के अनुसार, समय पर नेतृत्व की कमी ने संघर्ष को और अधिक बढ़ने दिया है। संगठन ने इस बात पर जोर दिया कि हिंसा कभी समाधान नहीं है और सभी समुदायों और हितधारकों से बातचीत को अपनाने का आह्वान किया। जिरवा ने कहा, 'हम सभी समुदायों और हितधारकों से बातचीत को अपनाने और शांति बहाल करने के लिए मिलकर काम करने का आह्वान करते हैं।'
उन्होंने आश्वासन दिया कि एनईएसओ संकट को हल करने के उद्देश्य से किसी भी रचनात्मक प्रयास में सहायता के लिए तैयार है। संगठन शांतिपूर्ण तरीकों से मणिपुर के लिए एक स्थिर और सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।












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