देखते हैं राजनाथ सिंह के दावों में कितना दम है?
वरूणा+अस्सी पर जमकर हुई राजनीति, किसकी होगी काशी?
लेकिन इतनी सीटें जीतने के बाद भी भाजपा राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन(राजग) में शामिल घटक दलों से पूरा सहयोग लेगी और साथ ही यह भी इशारा किया कि जो लोग 16 मई यानी चुनावी नतीजों के बाद हमारे साथ यानी कि एनडीए में आना चाहते हैं तो उनका पूरा स्वागत करतें हैं हम। कुल मिलाकर राजनाथ सिंह ने जोड़-तोड़ की राजनीति पर भी इशारा कर दिया है।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत से भाजपा के शीर्ष नेताओं की मुलाकात को लेकर पूछे गए सवाल पर सिंह ने कहा कि यह एक शिष्टाचार भेंट थी। हम चुनाव में आरएसएस के स्वयं सेवकों द्वारा किए गए परिश्रम के लिए धन्यवाद देने गए थे।
कांग्रेस द्वारा इस मुलाकात पर सवाल उठाए जाने के सवाल पर सिंह ने कहा कि कांग्रेस पूरी तरह से अवसाद में चली गई है। ऐसे में उनकी किसी बात पर प्रतिक्रिया देने का कोई मतलब नहीं है।
विरोधियों द्वारा राजनाथ की पोजिशन पर सवाल उठाने वाले प्रश्न पर राजनाथ सिंह ने कहा कि मैं कभी अपने हित के बारे में नहीं सोचता हूं। मैं एक किसान पुत्र हूं जो पार्टी कहती है वो ही करता हूं इसके अलावा ना मेरे मन में किसी चीज की लालसा है और ना ही कामना।
हमने चुनाव मोदी जी के नेतृत्व में लड़ा है लेकिन अगर हमारी जीत होती है तो इसमें मोदी समेत पूरी पार्टी की मेहनत शामिल होगी, उन कार्यकर्ताओं की मेहनत होगी जो कि दिन-रात पार्टी के लिए काम करते हैं।
राजनाथ सिंह ने कहा कि पूरा देश बदलाव चाहता है कि इस लिए इस बार मोदी जी ही की सरकार बनेगी। देखते हैं कि राजनाथ सिंह के यह दावे कितने सच होते है? चुनावी नतीजे 16 मई को आने वाले हैं।













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