पुणे लैंड डील मामले में ED के सामने पेश हुए एकनाथ खडसे, 9 घंटे से ज्यादा चली पूछताछ
मुंबई, 8 जुलाई। प्रवर्तन निदेशालय ने एनसीपी नेता एकनाथ खडसे को आज गुरुवार को तलब किया था। जिसके बाद आज खडसे ईडी कार्यालय दोपहर में पेश हुए जहां उनसे अधिकारियों ने 9 घंटे से अधिक तक पूछताछ की।

बता दें भाजपा छोड़कर एनीसीपी ज्वाइन करने वाले एकनाथ खडसे को पुणे लैंड डील मामले में ईडी ने तलब किया था। उसी संबंध में आज अधिकारियों ने पूछताछ की है। पहले ही ईडी इस मामले खडसे के दामाद को अरेस्ट कर चुकी है। माना जा रहा है कि इस केस को लेकर अब खडसे की मुसीबत बढ़ सकती है।
प्रवर्तन निदेशालय ने महाराष्ट्र की फडणवीस सरकार में राजस्व मंत्री रहे एकनाथ खडसे के दामाद गिरीश चौधरी को मंगलवार को पूछताछ के लिए बुलाया गया था, बाद में वहीं उन्हें अरेस्ट कर लिया गया वहीं ईडी ने गुरुवार को राकांपा नेता एकनाथ खडसे से 09 घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की। खडसे ने गुरुवार सुबह मीडिया से कहा कि वह ईडी के साथ सहयोग करेंगे।
गौरतलब है कि खडसे की परेशानी मई 2016 में शुरू हुई, जब पुणे के एक realtor हेमंत गावंडे ने पुणे पुलिस को शिकायत दी और खडसे (महाराष्ट्र के तत्कालीन राजस्व मंत्री) पर अपनी शक्ति का दुरुपयोग करने और एमआईडीसी की जमीन खरीदने का आरोप लगाया। शिकायत में कहा गया है कि खडसे ने वह जमीन अपनी पत्नी और दामाद के नाम पर खरीदी थी। जमीन 3.75 करोड़ रुपये में खरीदी गई थी जबकि जमीन का बाजार मूल्य 40 करोड़ रुपये था। यह महाराष्ट्र के भोसरी इलाके में 3 एकड़ का प्लॉट था।
आरोपों के एक महीने बाद, खडसे ने राज्य के राजस्व और कृषि मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया था। 2017 में, महाराष्ट्र सरकार (तब देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में) ने पुणे पुलिस से महाराष्ट्र एसीबी को जांच स्थानांतरित कर दी। अप्रैल 2018 में, महाराष्ट्र एसीबी ने खडसे को क्लीन चिट दे दी और कहा कि एसीबी को आरोप स्थापित करने के लिए कुछ भी सबूत नहीं मिला है कि एकनाथ खडसे ने मंत्री के रूप में अपनी शक्ति का दुरुपयोग किया है। एसीबी ने खडसे को अपनी क्लीन चिट में यह भी उल्लेख किया कि भूमि सौदे के कारण राज्य को राजस्व का नुकसान होने के आरोप भी सही नहीं पाए गए।
पिछले साल जब खडसे एनसीपी में शामिल हो रहे थे, उस समय एनसीपी के जयंत पाटिल और खुद खडसे समेत कई लोगों ने कहा था कि अब उन्हें परेशान करने के लिए ईडी का गलत इस्तेमाल किया जाएगा। खड़से ने उस समय कहा था कि अगर ऐसा होगा तो वह भाजपा नेताओं द्वारा किए गए भ्रष्टाचार के सबूत जारी करेंगे। ईडी ने मामले में अपनी जांच शुरू की थी और पिछले साल दिसंबर में पहली बार खडसे को तलब किया गया था।












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