Farmers Protest:शरद पवार बोले-30 दिसंबर को कोई रास्ता निकला तो ठीक, नहीं तो हमें बैठना होगा
नई दिल्ली। Farmers Protest updates:बीते 32 दिन से किसान दिल्ली और हरियाणा को जोड़ने वाले सिंधु बॉर्डर पर धरना दे रहे हैं। टिकरी, गाजीपुर और दिल्ली के दूसरे बॉर्डर पर भी किसान(Farmers Protest) जमा हैं। दिल्ली में किसानों के आने के बाद सरकार और किसान नेताओं के बीच कई दौर की बातचीत हो चुकी है। हालांकि अभी तक कोई नतीजा निकलता बातचीत से नहीं निकला है। इसी बीच एनसीपी चीफ शरद पवार (NCP Chief Sharad Pawar)की ओऱ से इस आंदोलन को लेकर बड़ा बयान सामने आया है। पवार ने कहा कि, मुझे लगता है कि सरकार को इस पूरे आंदोलन को गंभीरता से लेना चाहिए। बातचीत और उससे हल निकालने की कोशिश होनी चाहिए, वरना यह देश के लिए ठीक नहीं होगा।

एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने किसान आंदोलन का समर्थन करते हुए एक बार फिर केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया। एनसीपी चीफ ने कहा कि, मुझे लगता है कि सरकार को इस पूरे आंदोलन को गंभीरता से लेना चाहिए। बातचीत और उससे हल निकालने की कोशिश होनी चाहिए। मैंने सुना है कि वहां करीब पांच किसान अब तक सुसाइड कर चुके हैं। अगर इस तरह के हालात बन रहते हैं तो ये देश के लिए सही नहीं होगा।
शरद पवार ने कहा कि 30 दिसंबर को सरकार और किसानों की मीटिंग में क्या होता है वह हम देखेंगे। कोई रास्ता निकला तो खुशी होगी, नहीं निकला तो हमें बैठना होगा और सोचना होगा। किसान अपनी मांगो पर अड़े हुए हैं जबकि सरकार की तरफ से बातचीत की पहल कई बार हुई है। शरद पवार इससे पहले भी किसान आंदोलन को लेकर सरकार पर हमला बोल चुके हैं।
शरद पवार ने कहा था कि अगर किसान आंदोलन का जल्द से जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो ये आंदोलन देशव्यापी हो सकता है। देशभर के किसान भी पंजाब और हरियाणा के किसानों के साथ जुड़ेंगे। जिससे सरकार को ही परेशानी होगी। उधर केंद्र सरकार के नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के विरोध प्रदर्शन के बीच सोमवार को 25 किसान संगठनों ने इस कानूनों पर अपना समर्थन सरकार को दिया है।












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