नवाब मलिक बोले- शिवसेना ही नहीं, कांग्रेस-एनसीपी ने भी किए CMP पर साइन
नई दिल्ली। महाराष्ट्र के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री और एनसीपी के वरिष्ठ नेता नवाब मलिक ने कहा कि राज्य में सरकार गठन के समय शिवसेना ही नहीं, कांग्रेस और एनसीपी ने भी साझा न्यूनतम कार्यक्रम पर हस्ताक्षर किए हैं, इसलिए ये कहना ठीक नहीं है कि केवल एक पार्टी ने लिखित आश्वासन दिया है। इसके पहले, पूर्व मुख्यमंत्री और उद्धव ठाकरे कैबिनेट में लोक निर्माण मंत्री अशोक चव्हाण ने कहा था कि कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने शिवसेना से लिखित में मांगा था कि महाराष्ट्र में सरकार संविधान के दायरे में काम करेगी।

अशोक चव्हाण ने नांदेड़ में एक सभा के दौरान कहा था कि सोनिया गांधी महाराष्ट्र में बनने वाली सरकार में शिवसेना को शामिल करने के खिलाफ थीं। उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी ने शिवसेना से लिखित में आश्वासन मांगा था कि महाराष्ट्र में सरकार संविधान के दायरे में काम करेगी। अशोक चव्हाण ने कहा था कि सोनिया गांधी ने साफ निर्देश दिए थे कि राज्य सरकार हर हाल में संविधान के दायरे में काम करेगी।
चव्हाण ने कहा था, 'हमसे कहा गया कि ये बातें शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे को बता दी जाएं। उन्होंने महाराष्ट्र कांग्रेस के नेताओं से ये भी कहा कि अगर सरकार उम्मीदों के मुताबिक काम नहीं करती तो हमें इस गठंबधन से अलग हो जाना चाहिए।' चव्हाण ने कहा कि ये बात उद्धव ठाकरे को बताई गईं और इससे वे सहमत थे। इसके बाद तीनों दलों ने मिलकर सरकार बनाई।
चव्हाण ने यह भी कहा कि भाजपा को सत्ता से बाहर रखने और मुस्लिम समुदाय के आग्रह पर कांग्रेस सरकार में शामिल हुई। बता दें कि महाराष्ट्र में शिवसेना ने कांग्रेस और एनसीपी के साथ मिलकर सरकार बनाने का फैसला किया था। बीजेपी से अलग होने के बाद कई दिनों तक एनसीपी और कांग्रेस नेताओं के साथ शिवसेना की बैठकें होती रही, जिसके बाद तीनों दल एक साथ मिलकर सरकार बनाने पर सहमत हुए थे। शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे महा अघाड़ी गठबंधन के नेता चुने गए और उन्होंने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।












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