सोनिया-राहुल के घर पर पड़ सकते हैं आयकर के छापे

हम आपको बताना चाहेंगे कि जांच अधिकारियों ने इस मामले में आयकर विभाग को शामिल करने की तैयारी कर ली है। यानी सोनिया और राहुल गांधी से आयकर के अधिकारी भी पूछताछ कर सकते हैं।
आयकर की कार्रवाई सख्त हुई तो हेराल्ड के ट्रस्ट की मान्यता समाप्त भी की जा सकती है, क्योंकि सोनिया और राहुल समेत कई कांग्रेसी नेताओं ने ट्रस्ट के पैसे का निजी इस्तेमाल किया है।
क्या है हेराल्ड घोटाला
वर्ष 2008 में नेशनल हेराल्ड को बंद करने के बाद उसका मालिकाना हक एसोसिएटड जर्नल्स को दे दिया गया था। हेराल्ड को चलाने वाली कंपनी एसोसिएट जर्नल्स ने कांग्रेस पार्टी से बिना ब्याज के 90 करोड़ का कर्ज लिया। कांग्रेस ने कर्ज तो दिया और उसकी वजह बताई कि कर्मचारियों को बेरोजगार होने से बचाना।
सवाल यह उठा कि कर्ज देने के बाद भी अखबार क्यों नहीं शुरु हुआ। इसके बाद 2012 में नेशनल हेराल्ड का मालिकाना हक यंग इंडिया को दे दिया गया। यंग इंडिया कंपनी में 76 प्रतिशत शेयर सोनिया और राहुल गांधी के हैं। यंग इंडिया ने हेराल्ड की 1600 करोड़ की परिसंपत्तियां महज 50 लाख में हासिल कीं। अब भाजपा के नेता सुब्रमण्यम स्वामी का आरोप है कि गांधी परिवार ने हेराल्ड की संपत्तियों का अवैध ढंग से उपयोग किया है।












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