नसीरुद्दीन शाह का छलका दर्द, कहा- 'एक ही अस्पताल में भर्ती थे मैं और दिलीप साहब, लेकिन मिल नहीं पाया...'
नसीरुद्दीन शाह का छलका दर्द, कहा- 'एक ही अस्पताल में भर्ती थे मैं और दिलीप साहब, लेकिन मिल नहीं पाया...'
मुंबई,12 जुलाई: बॉलीवुड अभिनेता नसीरुद्दीन शाह ने कहा है कि वह और दिवंगत अभिनेता दिलीप कुमार एक ही वक्त पर एक साथ हिंदुजा अस्पताल में एडमिट थे। नसीरुद्दीन शाह ने कहा कि वह दिलीप कुमार से जाकर मिलना भी चाहते थे लेकिन जिस दिन उनको अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया, उसी दिन दिलीप साहब ने अपनी आखिरी सांस ली थी। नसीरुद्दीन शाह ने कहा कि उन्हें इस बात का मलाल है कि वह दिलीप कुमार से नहीं मिल पाए। नसीरुद्दीन शाह ने कहा कि अस्पताल में सायरा बानो उनसे मिलने भी आई थीं। उन्होंने हालचाल भी पूछा था और कहा था कि साहब आपके बारे में पूछ रहे हैं।

7 जून को नसीरुद्दीन शाह डिस्चार्ज हुए और उसी दिन दिलीप साहब ने ली आखिरी सांस
नसीरुद्दीन शाह को निमोनिया होने के बाद पिछले हफ्ते मुंबई के हिंदुजा अस्पताल में एडमिट करवाया गया था। नसीरुद्दीन शाह के हार्ट में एक छोटा सा पैच भी पाया गया था। उसी दौरान 98 वर्षीय अभिनेता दिलीप कुमार को भी हिंदुजा अस्पताल में सांस लेने में दिक्कत की वजह से भर्ती कराया गया था। नसीरुद्दीन शाह ने कहा है कि देखिए ये संयोग की ही बात है, ''7 जून को मैं हिंदुजा अस्पताल से डिस्चार्ज हुआ था और उसी दिन दिलीप कुमार ने हिंदुजा अस्पताल में अंतिम सांस ली थी। मैंने सोचा था कि मैं डिस्चार्ज होने के बाद दिलीप साहब से मिलूंगा लेकिन ऐसा हो नहीं पाया।''

'सायरा बानो ने सिर पर हाथ रख पूछा था, दिलीप साहब पूछ रहे हैं आपका हाल'
द क्विंट की रिपोर्ट के अनुसार लिंक लीगल बियॉन्ड लॉ के लेखक और आलोचक सैफ महमूद के साथ बातचीत में नसीरुद्दीन ने कहा, "जब मैं अस्पताल में भर्ती था तो सायरा बानो मुझ से मिलने आई थींष। उन्होंने (सायरा) मेरे सिर पर हाथ रखा और मुझे आशीर्वाद दिया और कहा- साहब (दिलीप) आपके बारे में पूछ रहे थे। मैं ये सुनकर अंदर से परेशान हो गया था। मैं अंदर से हिल गया था। अस्पताल से जाने से पहले मैं उनसे मिलना चाहता था लेकिन दुर्भाग्य से जिस दिन मैं गया, वह भी चले गए।''

जब नसीरुद्दीन शाह हफ्ते भर रहे थे दिलीप साहब के घर
इस खास बातचीत में नसीरुद्दीन शाह ने उन दिनों को भी याद किया जब वह फिल्म इंडस्ट्री में शुरुआती दिनों में संघर्ष कर रहे थे। उसी दौरान नसीरुद्दीन शाह दिलीप कुमार के घर पर लगभग एक हफ्ते बिताए थे। नसीरुद्दीन शाह ने उन दिनों को याद किया जब कई लोगों ने उसने कहा था कि उन्हें एक अभिनेता बनने का सपना छोड़ देना चाहिए और अपने घर वापस लौट जाना चाहिए। असल में नसीरुद्दीन शाह ने अपने परिवार वालों के खिलाफ जाकर एक्टर बनने का फैसला किया था और अपना सपना पूरा करने के लिए अपना घर छोड़ दिया था।

दिलीप साहब ने नसीरुद्दीन को कहा था- अच्छे परिवार वाले लोग एक्टर नहीं बनते
नसीरुद्दीन शाह ने कहा, दिलीप कुमार मेरे पिता की सबसे बड़ी बहन यानी मेरी बुआ सकीना आपा को जानते थे। मैं अपने शुरुआती दिनों में लगभग एक हफ्ते दिलीप साहब के घर में रहा हूं। मुझे याद है उस दौरान दिवंगत अभिनेता दिलीप कुमार ने मुझे कहा था, मुझे लगता है कि आपको वापस घर जाकर पढ़ाई पर ध्यान देना चाहिए। अच्छे परिवार के लोगों को अभिनेता बनने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। अच्छे घर के लोगों को अभिनेता बनने की इच्छा भी नहीं रखनी चाहिए।''












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