जजों के कॉन्फ्रेंस करने से सरकार में हड़कंप, PM मोदी ने कानून मंत्री से की मुलाकात

Posted By:
Subscribe to Oneindia Hindi

नई दिल्ली। आज देश के इतिहास में पहली बार सुप्रीमो कोर्ट की चार जजों ने प्रेस वार्ता करके मुख्य न्यायाधीश के काम काज पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं, इन चार जजों के नाम हैं जस्टिस चेलमेश्वर, जस्टिस मदन लोकुर, जस्टिस कुरियन जोसेफ, जस्टिस रंजन गोगोई, जिनकी पीसी के बाद पीएम मोदी ने तुरंत कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद और राज्य मंत्री पीपी चौधरी से इस मुद्दे पर मुलाकात की है।  मालूम हो कि अब से थोड़ी देर पहले सुप्रीम कोर्ट के चारों जजों ने अदालत की मौजूदा कार्यप्रणाली पर सवाल उठाकर हड़कंप मचा दिया है।

PM मोदी ने किया रविशंकर प्रसाद- पीपी चौधरी को तलब

चीफ जस्टिस के बाद दूसरे सबसे सीनियर जज जस्टिस चेलमेश्वर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि सुप्रीम कोर्ट का प्रशासन ठीक तरीके से काम नहीं कर रहा है, अगर ऐसा चलता रहा तो लोकतांत्रिक परिस्थिति ठीक नहीं रहेगी, उन्होंने कहा कि हमने इस मुद्दे पर चीफ जस्टिस से बात की, लेकिन उन्होंने हमारी बात नहीं सुनी इसलिए हमें आज ये करना पड़ रहा है और सबके सामने बोलना पड़ रहा है।

न्यायपालिका के लिए काला दिन

जजों की इस पीसी के बाद अब बयानबाजी तेज हो गई है, यूपीए सरकार में देश के कानून मंत्री रह चुके अश्विनी कुमार ने कहा कि ये न्यायपालिका की इमेज के लिए सही नहीं है तो वहीं देश के वरिष्ठ वकील उज्जवल निकम ने इस पूरे मामले पर कहा कि ये न्यायपालिका के लिए काला दिन है। आज की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद हर कोई न्यायपालिका के फैसले को शक की निगाहों से देखेगा।

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
As soon as four senior-most Supreme Court judges finished their unprecedented press conference in New Delhi, Prime Minister Narendra Modi called both the Law Ministers Ravi Shankar Prasad and Minister of State PP Chaudhury.

Oneindia की ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए
पाएं न्यूज़ अपडेट्स पूरे दिन.