आज मन की बात करने का मन नहीं, हर नेपाली के आंसू पोछेंगे- पीएम मोदी
नई दिल्ली। देश के प्रधानंत्री नरेंद्र मोदी रेडियो पर मन की बात कर रहे हैं। मन की बात शुरू होने से पहले उन्होंने सबसे पहले नेपाल और भारत में आये भूकंप में मारे गये लोगों को श्रद्धांजलि दी। साथ ही उन्होंने नेपाल को हर संभव मदद देने की बात दोहरायी।

प्रस्तुत हैं मोदी की मन की बात के मुख्य अंश-
- मन की बात करने का आज मन नहीं था, व्यथित है मन
- पिछली बार जब बात किया तो ओले की खबर फसलों की तबाही की खबरें सुनी थी
- नेपाल का दुख भी हमारा अपना दुख है।
- हर नेपाली के आंशू पोछेंगे उनका साथ देंगे।
- नेपाल और हिंदुस्तान में भयंकर भूकंप से बहुत दुखी हूं।
- नेपाल पर क्या बीतती होगी इसकी मैं कल्पना कर सकता हूं।
- प्यारे नेपाल के भाईयों-बहनों मैं हम आपके साथ साथ हैं।
- विशेष दस्ते को नेपाल भेजा है, पूरी कोशिश रहेगी हमारी लोगों को बचाने की।
- यमन में बम-बंदूक के बीच फंसे हजारों लोगों को बचाना बड़ी चुनौती थी।
- एक सप्ताह की बच्ची की जिंदगी को बचा सकने पर मन को संतोष होता है।
- दुनिया के 48 देशों के नागरिकों को हमने बचाया जिसे दुनिया के देशों ने सराहना की है।
- हमारी सेना और विदेश मंत्रालय ने बहुत ही अच्छा काम किया है।
- मैं फ्रांस में प्रथम विश्वयुद्ध में शहीद हुए लोगों को भी श्रद्धांजली अर्पित करने गया था।
- इस युद्ध में भारत के 15 लाख जवानों ने अपनी जान की बाजी लगा दी थी।
- ये जवान भारत के लिए नहीं बल्कि दुनिया में शांति के लिए लड़ रही थी।
- इस युद्ध में 74000 हजार सैनिकों ने अपनी जान दी थी।
- भारत विश्व के कल्याण, दुनिया की शांति के लिए जरूरत पड़े तो जान की बाजी लगा देता है।
- आज भी हमारे देश में कुछ परिवार हैं जिनको सर पर मैला ढोना पड़ता है।
- बाबा साहब के 125वीं जयंती के अवसर पर हम इस कलंक से मुक्ति पायेंगे।
- गांवों में गरीब से गरीब बेटियों को भी शिक्षा पहुंचाने का हमारा लक्ष्य है।
- भारत की 2 बेटियों ने देश का नाम उंचा किया है।
- सानिया मिर्जा और सानिया नेहवाल और देश की बेटियों को बधाई हमें इनपर गर्व है।
- कभी-कभी हम भी आपा खो बैठते हैं, कुछ लोगों ने हमारे खिलाड़ियों के लिए अपशब्द के प्रयोग किया वह दुखद है।
- हमें अपने खिलाड़ियों को बुरे समय में मनोबल देना चाहिए, देश के सम्मान से जुड़ी बातों पर आपा नहीं खोना चाहिए।
- सड़क पर हादसे नहीं होना चाहिए, लेकिन इस हादसे के बाद सड़क पर गाड़ियों को जलाना दुखद है।
- हमें सोचना चाहिए कि ऐसे समय में धैर्य से काम लेना चाहिए और कानून को अपना काम करने देना चाहिए।
- विद्यार्थियों की परीक्षा पूर्ण हो गयी होंगी, मेरी आपको शुभकामनायें हैं।












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