ममता- मोदी की करीबी से कांग्रेस सहमी

प्रदीप के अुनसार भाजपा कार्यकर्ताओं पर हर रोज हमले होते रहते हैं, जिसकी शिकायत पार्टी के राज्य पदाधिकारी करते रहते हैं लेकिन मोदी ने अपने भाषण में कुछ भी नहीं कहा। जबकि जिस राज्य में उनकी रैली होती है, वह वहां के मुख्यमंत्रियों के शासन की निंदा करते हैं और गुजरात की प्रंशसा। कोलकाता में इतनी बड़ी रैली होने के बावजूद उन्होने ममता बनर्जी सरकार के खिलाफ कुछ भी नहीं बोला।
मोदी ने अपने भाषण में कहा कि यह विधानसभा चुनाव नहीं हैं बल्कि केंद्र सरकार के लिए चुनाव हो रहे हैं अत: आप (जनता से) केंद्र में शासन करने के लिए भाजपा को चुने। भाजपा केंद्र में काम करेगी, तृणमूल कांग्रेस पश्चिम बंगाल में और हम सबसे ऊपर प्रणव दा तो राष्ट्रपति हैं ही, इससे देश का भी विकास होगा और राज्य का भी।
मोदी और ममता की करीबियां देखकर कांग्रेस ओर वाम दलों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं क्योंकि सर्वे में एनडीए और तृणमूल कांग्रेस को बड़ी संख्या में सीटें जीतते हुए दिखाया जा रहा है। खासबात यह है कि चार राज्यों के विधानसभा चुनाव के जो परिणाम आये हैं, उनमें भाजपा को एक तरफा जीतते हुए दिखाया जा रहा है। भाजपा तीन राज्यों राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में सरकार बनाने में कामयाब रही है, जबकि दिल्ली में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी। पश्चिम बंगाल में लोकसभा की 42 सीटें हैं, हालांकि राज्य में भाजपा के बढ़ते जनाधार के आधार पर कहा जा सकता है कि भाजपा यहां भी कुछ सीटें जीतने में कामयाब रहेगी।
आम चुनाव को लेकर आये सर्वे के अनुसार एनडीए केंद्र में सरकार बनाने में कामयाब रहेगी।












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