'राम' के द्वार मोदी ने छुए आडवाणी के पैर, लेकिन नहीं मिला आशीर्वाद
नयी दिल्ली। भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आड वाणी अबतक पार्टी से नाराज है। गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी को पहले भाजपा के चुनाव प्रचार कमेटी का प्रमुख और फिर बाद में पार्टी का पीएम उम्मीदवार बनाए जाने से आडवाणी नाराज है। उन्हें लगा रहा है कि पार्टी उनकी उपेक्षा कर रही है।
आडवाणी की नाराजगी के बावजूद मोदी की ताजपोशी कर दी गई, जिस बात को लेकर आडवाणी अबतक पार्टी और मोदी से नाराज है। उनकी ये नाराजगी रविवार शाम को बीजेपी नेता राम जेठमलानी के जन्मदिन की पार्टी में साफ तौर पर दिखी।

पार्टी से प्रधानमंत्री पद के लिए मोदी की उम्मीदवारी के ऐलान के बाद पहली बार नरेंद्र मोदी और लालकृष्ण आडवाणी एक साथ नजर आए। जेठमलानी के जन्मदिन को मौके पर दोनों नेता उनके घर पर इक्ट्ठा हुए थे। नरेंद्र मोदी जेठमलानी के घर पर आयोजित कार्यक्रम में भाग लेने पहुंचे थे। कुर्सी पर बैठे आडवाणी के उन्होंने पैर भी छुए, लेकिन आडवाणी से उन्हें आशीर्वाद नहीं मिला।
मोदी भी उनके पैर छूते ही बढ़ जाते हैं। आडवाणी का मौन कायम रहता है। मोदी भी कभी अपने गुरू रहे आडवाणी को ज्यादा तवज्जो देते नहीं दिखते। हालांकि मोदी और आडवाणी एक ही साथ बैठे। उनके बीच में जेठमलानी बैठे थे। दरअसल दोनों नेता एक जगह तो मौजूद दिखे, लेकिन दोनों की नाराजगी साफ तौर पर दिख रही थी। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक बीजेपी के बरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी को रामजेठमलानी अपने जन्मदिन के अवसर पर स्वयं निमंत्रण देने उनके घर गए थे।












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