स्वामीनारायण मंदिर का 200वां स्थापना दिवस: पीएम मोदी ने किया अयोध्या से लेकर काशी और केदार का ज़िक्र
Swaminarayan Temple 200th Foundation Day: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को गुजरात के वडताल स्थित श्री स्वामीनारायण मंदिर के 200वें स्थापना दिवस समारोह में वर्चुअल तरीके से भाग लिया। यह कार्यक्रम सुबह 11:15 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित हुआ। इस अवसर पर पीएम मोदी ने श्रद्धालुओं को संबोधित किया और मंदिर की ऐतिहासिक यात्रा को सराहा।
काशी और केदार के परिवर्तन का ज़िक्र
पीएम मोदी ने कहा, "स्वामीनारायण समुदाय ने हमेशा नशामुक्ति पर बहुत कड़ी मेहनत की है। हमारे संत और महात्मा युवाओं को नशे से दूर रखने और नशामुक्ति में बहुत बड़ा योगदान दे सकते हैं।" युवाओं को नशे से बचाने के लिए ऐसे अभियान और प्रयास हमेशा जरूरी हैं और ये हमें लगातार करना होगा। अब 500 साल बाद अयोध्या का उदाहरण हम सबके सामने है काशी और केदार का परिवर्तन हमारे सामने है।

उन्होंने कहा कि हर तरफ एक नई चेतना, एक नई क्रांति दिखाई दे रही है। इतना ही नहीं, हमारे देश से चोरी हुई सैकड़ों साल पुरानी मूर्तियों को देखने वाला भी आज कोई नहीं है दुनिया भर से हमारी जो मूर्तियाँ चोरी हो गई थीं, उन्हें खोज-खोज कर, हमारे देवी-देवताओं के जो स्वरूप चोरी हो गए थे, वे वापस आ रहे हैं, हमारे मंदिरों में लौट रहे हैं।
स्वामीनारायण मंदिर का महत्व
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि स्वामीनारायण मंदिर जैसे पवित्र स्थल समाज को एक नई ऊर्जा और दिशा प्रदान करते हैं। उन्होंने मंदिर की गतिविधियों की सराहना करते हुए कहा कि यह स्थान समाज में भाईचारे और एकता का संदेश फैलाता है। पीएम मोदी ने इसे आध्यात्मिक ऊर्जा का स्रोत और समाज के उत्थान के लिए प्रेरक बताया।
स्वामीनारायण संप्रदाय का वैश्विक प्रभाव
पीएम मोदी ने स्वामीनारायण संप्रदाय के वैश्विक प्रभाव पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इस संप्रदाय का प्रभाव केवल भारत में ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी महसूस किया जाता है। वडताल का यह पवित्र स्थल लाखों लोगों की आध्यात्मिक यात्रा में एक नया मोड़ लाया है, और इस संप्रदाय ने भारतीय संस्कृति को दुनिया भर में फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
सेवा कार्यों में योगदान
स्वामीनारायण संप्रदाय ने समाज की सेवा में भी उल्लेखनीय योगदान दिया है। पीएम मोदी ने बताया कि स्वामीनारायण परिवार ने एक लाख से ज्यादा पौधे लगाए हैं और समाज के कल्याण के लिए कई पहल की हैं। उन्होंने कहा कि यह संप्रदाय हमारे स्वाभिमान को जागृत करने और हमारी पहचान को पुनः जीवित करने का काम कर रहा है।
विकसित भारत के लक्ष्य पर बात करते हुए
प्रधानमंत्री मोदी ने देश को एक विकसित भारत बनाने के उद्देश्य पर जोर दिया। उन्होंने कहा, "हमारे देश के प्रत्येक नागरिक को इस उद्देश्य से जुड़ना होगा। जैसे स्वतंत्रता संग्राम के दौरान देशवासियों में आजादी की ललक थी, वैसे ही हमें आने वाले 25 वर्षों में विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए मिलकर काम करना होगा।"
देश को बांटने वाली ताकतों से सचेत रहने की बात
प्रधानमंत्री मोदी ने देश को बांटने वाली ताकतों के खिलाफ चेतावनी दी। उन्होंने कहा, "हमें उन ताकतों को पहचानकर नाकाम करना होगा जो देश को बांटने की साजिश कर रही हैं।"
स्वामीनारायण मंदिर की स्थापना और महत्व
स्वामीनारायण मंदिर की स्थापना 1824 में हुई थी। प्रधानमंत्री मोदी ने इस मंदिर की 200 साल की यात्रा की सराहना की और इसे समाज को एकजुटता और धार्मिकता के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरणास्पद बताया।
स्वामीनारायण मंदिर न केवल गुजरात, बल्कि पूरे भारत और विदेशों में बसे भक्तों के लिए एक महत्वपूर्ण आध्यात्मिक केंद्र बन चुका है। यह मंदिर आज भी अपने सांस्कृतिक और धार्मिक उद्देश्य को सफलतापूर्वक पूरा कर रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी का संकल्प
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश को एकजुट रखने के साथ-साथ हमें अपने युवाओं को कौशल और शिक्षा में सशक्त बनाना होगा। उनका कहना था कि भारतीय युवा राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे और दुनिया भर में उनकी प्रतिभा की सराहना हो रही है।
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