तेलंगाना बीजेपी अध्यक्ष के खिलाफ पुलिस कार्रवाई पर भड़के नड्डा, बोले-हमारी जीत देखकर KCR सरकार.....
नई दिल्ली, 3 जनवरी: तेलंगाना बीजेपी अध्यक्ष बंदी संजय कुमार की गिरफ्तारी को लेकर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने के चंद्रशेखर राव की सरकार के खिलाफ तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा है कि उपचुनाव में हमारी जीत देखकर केसीआर सरकार ने अपना मानसिक संतुलन खो दिया है। उन्होंने करीमनगर पुलिस की ओर से बीजेपी सांसद की कल हुई गिरफ्तार को लोकतंत्र की हत्या करार दिया है और आरोप लगाया है कि वे सभी कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए अपने दफ्तर में शांतिपूर्ण प्रदर्शन की तैयारी कर रहे थे और पुलिस जबरन घुस गई और उनके साथ हाथापाई भी की गई। इस बीच करीमनगर जिला अदालत ने प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

बंदी कुमार की गिरफ्तारी, लोकतंत्र की हत्या- नड्डा
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने तेलंगाना बीजेपी के अध्यक्ष और करीमनगर के सांसद बंदी संजय कुमार की गिरफ्तारी पर तीखी प्रतिक्रिया जताते हुए कहा है कि, 'तेलंगाना बीजेपी के प्रमुख बंदी संजय की गिरफ्तारी घोर निंदनीय है और यह लोकतंत्र की हत्या के समान है। वे अपने कार्यालय में सभी कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे। पुलिस जबरन उनके दफ्तर में दाखिल हुई और उनके साथ हाथापाई की।'
'केसीआर सरकार विक्षिप्त हो गई है'
नड्डा ने कहा कि 'हाल के उपचुनावों में बीजेपी की जीत और राज्य में पार्टी को मिल रहे समर्थन को देखकर केसीआर सरकार विक्षिप्त हो गई है। हम पुलिस कार्रवाई के खिलाफ सभी कानूनी और लोकतांत्रिक उपाय करेंगे।' उधर करीमनगर पुलिस ने बयान दिया है कि 'तेलंगाना बीजेपी अध्यक्ष बंदी संजय को करीमनगर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। उन्हें कल तब हिरासत में लिया गया, जब वे प्रदर्शन कर रहे थे।'
14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे गए बंदी संजय
इस बीच करीमनगर जिला अदालत ने प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
सरकार के आदेश के खिलाफ प्रदर्शन की थी तैयारी
दरअसल, बंदी संजय राज्य की केसीआर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन की तैयारी कर रहे थे, इससे पहले ही रविवार रात को कोविड-19 प्रोटोकॉल के कथित उल्लंघन के नाम पर गिरफ्तार कर लिया गया। बंदी संजय करीमनगर के सांसद भी हैं और उन्होंने राज्य सरकार के एक आदेश के खिलाफ रविवार को रात 9 बजे से सुबह 5 बजे तक शहर के बीच में मौजूद अपने दफ्तर में 'जागरण' आयोजित करने की योजना बनाई थी। कुमार का आरोप है कि सरकार का आदेश नंबर 317 टीचरों और दूसरे सरकारी कर्मियों के तबादले को लेकर उनके हितों के साथ खिलवाड़ है।
वैसे तेलंगाना सरकार ने कोविड के बढ़ते मामलों को देखते हुए 10 जनवरी तक रैलियों, सभाओं, धार्मिक और राजनीतिक आयोजनों के नाम पर भीड़ इकट्ठा करने के खिलाफ पाबंदी लगा रखी है। बाकी सार्वजनिक वाहनों, दुकानों, दफ्तरों में भी सख्त कोविड प्रोटोकॉल लागू किया गया है।












Click it and Unblock the Notifications