MY VOICE: मोदी की लाइनलेंथ तो ठीक है लेकिन डिलेवरी गड़बड़
पटना। बिहार विधानसभा चुनावों से पहले सबसे बड़ी खबर जो आ रही है वो ये है कि जनता परिवार का विलय हो सकता है। जनता परिवार का विलय यानी कि देश के 6 क्षेत्रीय दलों का एक झंडा और एक निशान। ये दल हैं समाजवादी पार्टी (सपा), राष्ट्रीय जनता दल (राजद), जनता दल यूनाइटेड (जदयू), जनता दल सेक्यूलर, भारतीय राष्ट्रीय लोकदल और एक कम चर्चित दल समाजवादी जनता पार्टी (राष्ट्रीय)। बिहार विधानसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की भी परीक्षा होगी।

खैर परीक्षा बिहार में हो और परिणाम कुछ भी मगर हम यहां बात करेंगे नरेन्द्र मोदी के 10 साल के कार्यकाल की। ''नरेन्द्र मोदी का अबतक कोई आऊटपुट नहीं निकला है। वो अबतक सिर्फ रूपरेखा ही बनाते ही रह गये हैं।'' यह बात पटना के रहने वाले आशु मिश्रा ने वनइंडिया के My Voice कॉलम के लिये कही। आशु ने कहा कि कार्यकारिणी बैठक के दौरान भी नरेन्द्र मोदी ने सिर्फ आगामी चुनावों को फोकस किया। उन्होंने पार्टी के कार्य प्रणाली या फिर मंत्रियों के विवादास्पद बयानबाजी पर कोई चर्चा नहीं की।
आशु ने कहा कि भूमि अध्िाग्रहण बिल पर नरेन्द्र मोदी ने कोई भी चर्चा नहीं की। बिहार चुनावों के बारे में अपनी राय व्यक्त करते हुए आशु मिश्रा ने कहा कि चुनाव में नरेन्द्र मोदी फैक्टर तो रहेगा ही लेकिन दिल्ली जैसी हालत ही होगी क्योंकि उन्होंने ना तो अबतक बिहार के लिए कोई मुद्दा बनाया है और ना ही कोई लीडर चुना है। अपनी बातों को स्पष्ट करते हुए आशु मिश्रा ने कहा कि नरेन्द्र मोदी की लाइनलेंथ तो ठीक है लेकिन उनकी डिलेवरी गड़बड़ है।
Disclaimer: My Voice कॉलम के अंतर्गत प्रकाशित होने वाली राय पाठक एवं आम जनता की राय है। इसमें वनइंडिया के विचार शामिल नहीं हैं।
आप भी रखें अपनी बात: किसी भी मुद्दे पर अगर आप अपनी बात वनइंडिया के माध्यम से रखना चाहते हैं, तो अपना मोबाइल नंबर, या फेसबुक आईडी हमें ई-मेल करें [email protected]












Click it and Unblock the Notifications