25 साल बाद चमक उठी मुजफ्फरनगर की किस्मत

दरअसल यहां से कई बार ऐसे सांसद निर्वाचित होते रहते हैं जिनकी पार्टी की केंद्र में सरकार नही होती है। मुजफ्फरनगर में वर्ष 1989 में जम्मू काश्मीर से आए मुफ्ति मोहम्मद सईद जनता दल के टिकट पर वीपी सिंह लहर में सांसद निर्वाचित हुए थे। उस समय केंद्रीय मंत्रिमंडल में वशि्वनाथ प्रताप सिंह ने मुफ्ति मोहम्मद सईद को देश का गृहमंत्री बनाया था। हालांकि मुफ्ति मोहम्मद सईद करीब 14 माह ही इस पद पर रहे। वीपी सिंह सरकार गिर गई।
1991 के चुनावों में उन्हें मुजफ्फरनगर से ही भाजपा टिकट पर करारी हार ङोलनी पड़ी थी इसके बाद मुफ्ति मोहम्मद सईद ने मुजफ्फरनगर की ओर मुडकर नही देखा और जम्मू काश्मीर में पीडीपी बनाकर वहीं की राजनीति करने लगे। उस दौरान केंद्रीय मंत्री के रूप में उन्होंने मुजफ्फरनगर को इलैक्ट्रोनिक्स टेलीफोन एक्सचेंज देकर पूरे भारत से एसटीडी सेवा से जोड़ दिया था। यह उनकी उपलब्धि थी।
वहीं अब 25 वर्ष बाद भाजपा के निर्वाचित सांसद संजीव बालियान को नरेंद्र मोदी मंत्रिमंडल में स्थान मिला है। अब संजीव बालियान को मुजफ्फरनगर के लोगों के बीच अपने को साबित करने की चुनौती रहेगी।












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