मुसलमान मक्का मदीना जाएंगे, हम कहां जाएंगे? राम मंदिर यहीं बनेगा: गिरिराज सिंह
मथुरा। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह एक निजी कार्यक्रम में भाग लेने मथुरा पहुंचे। यहां पहुंचने पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनका जोशीला स्वागत किया। यहां पहुंचे केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह में मीडिया से रूबरू होते हुए योगी आदित्यनाथ से पूछे गए एक सवाल पर बोलते हुए कहा यह पूछने वाले से पूछना चाहता हूं। मुझे बता दें कि आज मैंने एकादशी व्रत रखा है तो यह जरूरी नहीं है कि मैं आज रोजा रखूं।

'राम मंदिर के निर्माण में मुसलमान भाई आगे आएं'
राम मंदिर मुद्दे पर बोलते हुए उन्होंने कहा हम कोर्ट का सम्मान करते हैं उनके निर्णय का स्वागत करते हैं। एक मुस्लिम संगठन ने मंदिर बनने के रास्ते को साफ किया है। सुन्नी भाइयों से भी मेरा अनुरोध है कि आप भी मिलजुल कर जैसे सभी हिंदू समाज मस्जिद का निर्माण करा रहे हैं, आप भी आगे आएं। वे आप के भी पूर्वज थे। भारत के अंदर कोई मुसलमान बाबर का वंशज नहीं है। कोई मुसलमान विदेशी नहीं है। भारत का मुसलमान राम का वंशज है। हमारे पूर्वज एक हैं। भले ही पूजा पद्धति अलग हो सकता है आज। अगर मैं मुस्लिम धर्म अपमान अपना लूं तो क्या सौ साल बाद मेरे पूर्वज और मेरे भाई के पूर्वज अलग होंगे। आज मुसलमानों की स्थिति भी वही है। मैं मुसलमानों से अपील करता हूं कि हिंदू और मुसलमान दोनों मिलकर राममंदिर बनाएं।

'मुसलमान मक्का मदीना जाएंगे, हम कहां जाएंगे?'
उन्होंने आगे कहा कि मुसलमान तो मक्का मदीना जाएंगे तो क्या पाकिस्तान में राम मंदिर बनेगा। नहीं। ये भारत में ही बनेगा और ओवैसी जैसे लोग जो देश को बांटना चाहते हैं उनके दिल में जिन्ना का जिन्न प्रवेश कर गया है। देश को तोड़ना चाहते हैं। गिरिराज सिंह से जब यह पूछा गया कि राम मंदिर का निर्माण कब शुरू होगा तो वह सवाल को टाल गए और कहा कि सही समय आने पर बताया जाएगा। वहीं हरियाणा सरकार द्वारा सभी स्कूलों में गायत्री मंत्र लागू किए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि सनातन धर्म में विज्ञान, ज्ञान और मंत्र दोनों का समायोजन जब तक ना हो तो भारत की संस्कृति और भारत की संस्कृति के बगैर शिक्षा अधूरी है। अभी शिक्षा में केवल पैकेज की बात होती है। मेरा बेटा कितने लाख का पैकेज लेगा। ये सब गलत है। शिक्षा में अगर संस्कार और संस्कृति न हो तो शिक्षा बेकार है।

अलीगढ़ विश्वविद्यालय पर की ये टिप्पणी
वहीं अलीगढ़ मुस्लिम विश्विद्यालय के छात्रसंघ द्वारा राष्ट्रपति के विरोध किए जाने पर टिप्पणी करते हुए गिरिराज सिंह ने कहा कि कैसे कोई छात्रसंघ देश के महामहिम राष्ट्रपति का विरोध कर सकता है। राष्ट्रपति के ऊपर आरोप लगाना देशद्रोह के बराबर है। ऐसे विद्यार्थियों और ऐसे संगठन को बैन कर देना चाहिए जो राष्ट्रपति के ऊपर ऐसे टिप्पणी करता है।












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