कोरोना मरीजों के लिए फरिश्ता बने मंडप डेकोरेटर पास्कल, पत्नी के गहने बेच कर फ्री में बांट रहे आक्सीजन
मुंबई , मई 1: कोरोना महामारी की दूसरी लहर में इंसान के कई रूप देखने मिल रहे हैं। आक्सीजन की सबसे अधिक किल्लत हो रही है। कालाबाजारी करने वाले इस आपदा को अवसर बनाकर मोटी कमाई कर रहे हैं लेकिन इस आपदा में कई ऐसे लोग सामने आए है जो अपना सबकुछ दांव लगाकर लोगों की मदद कर रहे हैं। इन्हीं नेक लोगों में मुंबई के मंडप डेकोरेटर का काम करने वाले पास्कल साल्धाना का नाम भी दर्ज हो चुका है। कोरोना के गंभीर अनजान मरीजों के लिए जो ये कर रहे हैं वो शायद ही कोई अपना भी करेगा साल्धाना कोरोना मरीजों के लिए फरिश्ता बन चुके हैं।

कोरोना मरीजों के लिए मंडप डेकोरेटर पास्कल बनें फरिश्ता
कोरोना की दूसरी लहर में भारत में जो मौते हो रही हैं उसमें अधिकांश मरीज आक्सीजन समय पर न मिल पाने के कारण दम तोड़ रहे हैं। प्रदेश सरकारें एक दूसरे पर जहां आक्सीजन न देने का ठीकरा फोड़ रही हैं वहीं पास्कल साल्धाना अपना सब कुछ दांव पर लगाकर कोरोना मरीजों को निशुल्क आक्सीजन उपलब्ध करवा रहे हैं। मंडप डेकोरेटर पास्कल सल्धाना को इस काम की प्रेरणा उनकी बीमार पत्नी ने दी

लोगों की परेशानी देख पास्कल और उसकी पत्नी का पसीजा दिल
पास्कल की पत्नी ने उसने कहा कि वो लोगों की मदद करें जिसके बाद वो लोगों को मुफ्त ऑक्सीजन दे कर रहे हैं। कोरोना मरीजों के परिजनों को ऑक्सीजन के लिए लंबी-लंबी लाइनें लगानी पड़ रही हैं ये देखकर पास्कल और उनकी पत्नी का दिल पसीज गया और उन्होंने लोगों की मदद करने की ठानी और ये नेक शुरूआत की।

पास्कल पत्नी के गहने बेचकर लोगों में बांट रहे मुफ्त आक्सीजन
पास्कल सल्धाना ने बताया कि 18 अप्रैल से लोगों को फ्री आक्सीजन सप्लाई करके लोगों की मदद कर रहे ताकी अधिक से अधिक लोगों की जान बच सके।एएनआई से बात करते हुए पास्कल ने बताया कि मेरी 'पत्नी के अनुरोध पर मैंने उसके गहने बेच दिए। उससे हमें 80,000 रुपये मिले। उसके बाद मैंने लोगों को फ्री में ऑक्सीजन देना शुरू कर दिया।' पास्कल ने कहा कभी-कभी लोग उन्हें दूसरों की मदद करने के लिए रुपये देकर इस नेक काम में मेरी मदद भी कर रहे हैं।

पास्कल की पत्नी की दो किडनियां फेल हो चुकी हैं
पास्कल ने बताया कि 'मेरी पत्नी की दोनों किडनियां डैमेज हैं वो डायलिसिस और ऑक्सीजन सपोर्ट पर है। इसलिए मेरे पास स्पेयर में हमेशा सिलेंडर रहता है। एक दिन एक स्कूल की प्रिंसिपल ने मुझसे अपने पति के लिए ऑक्सीजन मांगी। अपनी पत्नी के कहने पर एक मैंने उनको दे दिया। पास्कल ने बताया कि मेरी पत्नी पिछले 5 साल से डायलिसिस पर हैं इसलिए मैं लोगों का दर्द समझ सकता हूं।इसलिए जब तक मेरे पास दम है मैं लोगों की मदद करूंगा।












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