MUDA Scam: लगातार उठ रही सीएम सिद्धारमैया के इस्तीफे की मांग, बीजेपी के निशाने पर कर्नाटक सरकार
MUDA Scam News: कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की मुश्किलें खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। मैसूर शहरी विकास प्राधिकरण (MUDA) द्वारा भूमि आवंटन से जुड़े कथित घोटाले मामले में शुक्रवार 27 सितंबर को उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है। वहीं, अब उनके इस्तीफे की मांग उठने लगी है।
MUDA मामले को लेकर कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के खिलाफ FIR दर्ज होने पर केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी का बयान सामने आया। उन्होंने शनिवार 28 सितंबर को कहा, 'उन्हें(सिद्धारमैया) इस्तीफा देना ही होगा, कोई दूसरा विकल्प नहीं है। वे राज्यपाल को डराने और घेरने की कोशिश कर रहे हैं जो स्वीकार्य नहीं है।'

उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट ने भी स्पष्ट रूप से अपना फैसला सुनाया है और कहा है कि एक व्यक्ति जो सत्ता में नहीं रहा उसे ऐसा अवसर और ऐसी सुविधा नहीं मिल सकती... यह स्पष्ट रूप से हाई कोर्ट ने कहा है... उन्होंने(सिद्धारमैया) 2011 में जो भी कहा, उसे मानना चाहिए।
इतना ही नहीं, सीएम सिद्धारमैया द्वारा एचडी कुमारस्वामी के इस्तीफे की मांग पर उन्होंने कहा कि सभी मामले अलग-अलग हैं। उनके खिलाफ जांच चल रही है। ऐसी चीजें मांगने से पहले उन्हें सवालों के जवाब देने चाहिए। वही, बीजेपी नेता शाहनवाज हुसैन ने कहा कि MUDA घोटाले में अब सिद्धारमैया बच नहीं सकते।
उन्होंने कहा कि लोकायुक्त ने एफआईआर दर्ज कर ली है। अब अगर थोड़ी भी नैतिकता बची है तो उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्हें केजरीवाल मॉडल लागू नहीं करना चाहिए। केजरीवाल ने जेल जाने के बाद इस्तीफा नहीं दिया। इंडी गठबंधन के नेताओं को लगता है कि उस मॉडल को लागू किया जा सकता है, लेकिन कर्नाटक की जनता उनका इस्तीफा मांग रही है।
वहीं, इस मामले पर भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी कहते हैं, 'कर्नाटक के कांग्रेसी सीएम सिद्धारमैया के MUDA घोटाले के मामले में, जिस तरह से मैसूर शहरी विकास प्राधिकरण में ज़मीन और सरकारी अधिकार का दुरुपयोग करके उनके परिवार ने अकूत संपत्ति बनाई है, कोर्ट ने यह फ़ैसला दिया है जिसमें सीएम सिद्धारमैया को आरोपी नंबर एक बनाया गया है।'
उन्होंने पूछा कि क्या मुख्यमंत्री इसमें पहले और मुख्य आरोपी हैं? अहम बात यह है कि किसी केंद्रीय एजेंसी ने इसकी जांच नहीं की, किसी ने अपनी तरफ़ से कोई अर्ज़ी नहीं डाली। यह फैसला कर्नाटक के लोकायुक्त कोर्ट में आया है, यानी आरोप कांग्रेस पार्टी ने लगाए थे। यह मामला बिल्कुल अलग है क्योंकि आपकी सरकार कर्नाटक में है और कर्नाटक लोकायुक्त ने यह आदेश दिया है कि MUDA घोटाले में न सिर्फ़ सिद्धारमैया और उनका परिवार दोषी है, बल्कि वह आरोपी नंबर एक हैं।
वहीं, इस मामले पर केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने कहा, 'सीएम (सिद्धारमैया) मेरा और केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण का इस्तीफा मांग रहे हैं। उन्होंने एफआईआर दर्ज करने को कहा है। क्या इलेक्टोरल बॉन्ड का पैसा उनके निजी खाते में गया, उन्हें क्यों इस्तीफा देना चाहिए और मुझे क्यों इस्तीफा देना चाहिए? आप गंगेनाहल्ली डिनोटिफिकेशन मामले में कुछ नहीं कर सकते।'
कहा कि कर्नाटक में राज्य की राजनीति पहले कभी इस तरह नहीं हुई जैसी कि अब हो रही है। कांग्रेस सरकार बनने के बाद, उन्होंने सरकारी आदेशों का पालन करने वाले अधिकारियों और सामाजिक पुलिस विभाग सहित सत्ता का दुरुपयोग किया। हमारे राज्य में, पुलिस विभाग ने एक नए प्रकार का काम शुरू किया। सीएम और उनके कैबिनेट मंत्री बार-बार केंद्र सरकार और एजेंसियों पर हमला करते हैं, यह स्पष्ट है कि वे कर्नाटक में किस तरह सत्ता का दुरुपयोग कर रहे हैं।












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